भ्रष्टाचार के लिए बदनाम हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। प्लाट आवंटन में करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद अब संपदा कार्यालय के अकाउंटेंट और क्लर्क पर शहर के तीन बड़े प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर हुडा की भूमि में करोड़ों रुपये का घोटाला करने का आरोप लगा है। ऑस्टीज पॉलिसी के प्लॉटों में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। असल पात्रों को प्लॉटों से महरूम रखा और करोड़ों रुपये की भूमि बड़े प्रापर्टी डीलरों को दे दी। इसकी शिकायत उग्राखेड़ी गांव के जोगिंदर मलिक ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक मनोज कुमार को की है। उन्होंने मामले में संज्ञान लेते हुए प्रशासक और संपदा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने 30 नवंबर तक जांच रिपोर्ट मांगी है।
डीलरों को दिए करोड़ों के प्लाट
शिकायतकर्ता जितेंद्र मलिक ने शिकायत में आरोप लगाया कि जिन किसानों को सेक्टरों में प्लॉट मिलने चाहिए थे, उनको प्लॉट नहीं मिल रहे हैं। 2019 में भी उन्हीं लोगों को प्लॉट दिए गए, जो 2015 के आवंटन प्रक्रिया में प्लॉट ले चुके थे। 20 से अधिक प्लॉट को डीलरों के माध्यम से बड़े व्यापारियों और उद्यमियों को बेचा जा चुका है।
कलेक्टर रेट पर करोड़ों की भूमि बेचने पर पटवारी और ईओ पर गिर चुकी है गाज
सेक्टर 29 और सेक्टर 12 में करोड़ों रुपये की भूमि कलेक्टर रेट पर उद्यमियों को देने के मामले में पटवारी और तत्कालीन ईओ पर गाज गिर चुकी है। पटवारी का सिरसा तबादला हो चुका है। दोनों के खिलाफ विजिलेंस जांच चल रही है।
अकाउंटेंट ने कहा कि उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। ना तो प्लाट आवंटन में कोई रोल है और ना ही ऐसी किसी भी प्रक्रिया से लेना-देना है।
अभी पानीपत का चार्ज संभाला है। मुख्य प्रशासक की ओर से जांच के निर्देश हुए हैं। वह सोमवार को ऑफिस जाएंगे और फाइलें देखेंगे। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
- गुलशन सलूजा, अतिरिक्त संपदा अधिकारी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पानीपत।