अनाजमंडियों में पीआर धान की आवक लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार व जिला प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद पीआर धान की खरीद सुचारु रूप से नहीं की जा रही है। किसानों को अनाज मंडियों में पड़ी अपनी धान की रखवाली करनी पड़ रही है। किसानों का आरोप है कि खरीददार पीआर धान में नमी का बहाना बनाकर खरीद करने से बच रहे हैं और किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। पानीपत अनाजमंडी में शनिवार को 7350 क्विंटल पीआर धान की खरीद की गई, जबकि आवक 50 हजार क्विंटल से अधिक हो चुकी है। आढ़तियों व किसानों का कहना है कि खरीद व उठान न होने से आढ़ती व किसान को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं बाबरपुर अनाजमंडी में शनिवार को पीआर धान की खरीद नहीं की गई।
एक-एक दाने की होगी खरीद
वहीं खरीद एजेंसी एफसीआई के अधिकारियों का कहना है कि धान के एक-एक दाने की खरीद की जाएगी। जो धान नमी वाला है अथवा किसान साफ करके नहीं लाया है, उन्हें सुखाने व साफ करने के लिए कहा गया है।
80 हजार के पार पहुंची 1509 की आवक
मार्केट कमेटी पानीपत के सचिव नरेश मान ने बताया कि पानीपत व बाबरपुर अनाजमंडी में 1509 धान की आवक व खरीद 85 हजार क्विंटल को पार कर चुकी है। शनिवार को भी पानीपत में 10 हजार 710 क्विंटल और बाबरपुर में 3275 क्विंटल धान की आवक व खरीद हुई। वहीं, 1509 के दो दिन से अधिकतम भाव 2125 के आसपास रहे।
किसानों का छलका दर्द
धान का ऑनलाइन रजिस्टृेशन करवाया था। पिछले 17 दिन से उसकी धान की खरीद नहीं हो पाई है। हर रोज अनाजमंडी में धान की ढेरी का पहरा देना पड़ रहा है।
जितेंद्र कुमार, गांव रिसालू।
रजिस्टृेशन करवाने के बावजूद पर्ची नहीं मिल रही। तीन घंटे से पर्ची लेने का इंतजार कर रहा हूं। कर्मचारी हाथ से पर्ची बनाकर दे रहे हैं जिसमें काफी समय लग रहा है।
बिजेंद्र कुमार, गांव मांडी।
पीआर धान में नमी बताकर खरीद नहीं की जा रही। बार-बार सूखाने के बावजूद नमी का बहाना बनाया जा रहा है। हर स्थिति में किसान को ही नुकसान झेलना पड़ रहा है।
राहुल अहलावत, गांव बबैल।
नमी का बहाना बनाकर पीआर धान की खरीद में खानापूर्ति की जा रही है। किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
धर्मवीर मलिक, जिला प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, पानीपत।