संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। मौसमी बीमारियां बढ़ने से निजी व जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी बढ़ गई है। रविवार और सोमवार को ओपीडी बंद रही। मंगलवार को राजकीय अवकाश होने के चलते ओपीडी अपेक्षाकृत कमी रही। इससे बुधवार को ओपीडी में करीब दो हजार मरीज पहुंचे। फिजिशियन, ईएनटी चिकित्सक कक्ष के बाहर सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक मरीजों की कतार लगी रही। जिससे कुछ मरीजों को फर्श पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। वहीं चमड़ी रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को निजी अस्पतालों से मंहगा इलाज व दवा लेनी पड़ रही है।
जिला नागरिक अस्पताल में लगभग 20 दिन से मरम्मत का काम चल रहा है जिससे चिकित्सक के बाहर की प्लेट हटाई गई है इससे मरीजों की परेशानी बढ़ी है। मरीजों को चिकित्सक कक्ष ढूंढने के लिए घूमना पड़ रहा है। मौसमी बीमारियां बढ़ने से सबसे ज्यादा फिजिशियन, ईएनटी के मरीज बढ़े हैं। फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि मौसम में बदलाव के समय लोगों को स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए ताकि वायरल, खांसी-जुकाम आदि से बचा जा सके।
अस्पताल में फिजिशियन की ओपीडी लगभग 250 से 300 तक रहने लगी है। ईएनटी के विशेषज्ञ डॉ. अंकुर खन्ना ने बताया कि मौसम में बदलाव के समय लोगों को गले में खराश आदि की समस्या बढ़ जाती है इसलिए सामान्य दिनों की ओपीडी जहां 150 तक रहती थी अब 200 तक रहने लगी है। बिंझौल गांव की श्वेता व सुनीता ने बताया कि वे बच्चों को गले में परेशानी होने के कारण अस्पताल में सुबह आठ बजे दिखाने के लिए आई थी। पंजीकरण के लिए उन्हें आधा घंटा लाइन में लगना पड़ा, वहीं इलाज व दवा लेने में उन्हें करीब दो घंटे का समय लगा।
सामान्य दिनों की अपेक्षा बुधवार को ओपीडी ज्यादा रही है। अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की ओर से मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है।
- डॉ. श्यामलाल, एमएस पानीपत