फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रॉसलाइन पर कर्मचारियों की जान को खतरा

Tue, 25 Mar 2014 12:02 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। बिजली सप्लाई के लिए बिजली निगम की ओर से बिछाई लाइनों में बने क्रॉस लाइन प्वाइंट कर्मचारियों के लिए जान का जोखिम बन रहे हैं। क्रॉस प्वाइंट के कारण लाइन बंद करने के बाद भी करेंट रह जाता है।
विज्ञापन


इस तरह से किसी भी लाइन को बंद समझकर जैसे ही बिजली कर्मचारी किसी भी तरह की मरम्मत का काम शुरू करते हैं तो वे करेंट की चपेट में आ जाते हैं, इस तरह से दो वर्षों में अब तक सात कर्मचारी जान गवा चुके हैं।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण अपने कर्मचारियों और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे भरता रहा है, लेकिन कई मामलों में हकीकत इससे जुदा है बिजली निगम लाइन बिछवाने का ज्यादातर कार्य ठेकेदार से ही कराता है।
विज्ञापन


ऐसे में कई ठेकेदार अपने थोड़े से मुनाफे के लिए बिजली की लाइनों मेें गई जगह पर गलत तरीके से क्रास प्वाइंट बना देते हैं। ये क्रास प्वाइंट कर्मचारियेों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

उदाहरण के तौर पर एक फीडर से जुड़ी लाइन किसी क्षेत्र में बिजली सप्लाई कर रही है। इस लाइन पर रखा ट्रांसफार्मर फुंक गया है। खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए फीडर को बंद करना पड़ता है। किसी दूसरे फीडर से जुड़ी लाइन भी खराब ट्रांसफार्मर वाली लाइन के ऊपर या नीचे से गुजर रही है।

ऐसे में जब कोई लाइनमैन या बिजली कर्मी खराब ट्रांसफार्मर से संबंधित फीडर को बंद करके उस पर काम करेगा तो उसे करेंट लगने की आशंका रहेगी। लाइन क्रास प्वाइंट वाले स्थान पर कई अवसराें पर खासकर तेज हवा चलने या किसी कारण से दो लाइनाें की तार एक दूसरे से टकरा जाती है।

इस तरह से फीडर बंद रहने पर भी लाइन में करेंट रहता है। जैसे ही बिजली कर्मी लाइन पर काम करता है, वह करेंट की चपेट में आ जाता है।

पानीपत सर्कल को नौ उपमंडलों में बांटा गया हैं। किसी भी एक उपमंडल की बात करें तो उसमें करीब 50 लाइन क्रास प्वाइंट हैं। इस तरह से करीब 450 क्रास प्वाइंट बनते हैं।

पानीपत सर्कल में दो साल में अब तक क्रास प्वाइंट के कारण सात कर्मचारी अपनी जान गवां चुके हैं। इनमेें ज्यादातर डीसी रेट पर लगे कच्चे कर्मचारी थे। राज्य की बात की जाए तो मरने वालोें की संख्या 150 है।

क्रास लाइन प्वाइंटों को ठीक करने के लिए बिजली निगम ने अब तक कोई विशेष कदम नहीं उठा है। बिजली कर्मचारी और सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल सिंह ने बताया कि क्रास लाइन वाले प्वाइंटाें में सुधार करने के लिए बिजली निगम को कई बार शिकायत की गई है।

कर्मचारियों के लगातार करने का हवाला भी दिया है, लेकिन आला अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

लाइन क्रास वाले प्वाइंटों में सुधार करके इर तरह की अनहोनी को रोका जा सकता है। ऐसी लाइनों की क्रासिंग ग्राडिंग (लाइनों के साथ-साथ निचले वाले हिस्से में लोहे की दो अन्य तारें उचित दूरी बनाकर बीच-बीच में एक तार से जोड़ते हुए खींच जा सकता है)। इसके अलावा ऐसे प्वाइंटों पर केबल सिस्टम किया जा सकता है।
विज्ञापन


कर्मचारियोें की सुरक्षा सबसे पहले है। इस तरह के क्रासिंग प्वाइंटों में सुधार करने की प्रकिया पर काम चल रहा है। उचित समाधान जल्दी ही निकाला जाएगा।
एमएस दहिया, एसई, पानीपत सर्कल, बिजली निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें