अमर उजाला ब्यूरो
समालखा। एसआईटी समालखा ने सोनीपत पुलिस के इनामी बदमाश ऋषि चुलकाना को उसके एक साथी समेत पट्टी कल्याणा अड्डे से गिरफ्तार किया है। ऋषि चुलकाना पर पानीपत, सोनीपत व करनाल में हत्या, हत्या के प्रयास समेत करीब 21 मुकदमे दर्ज हैं। वे दोनों समालखा में ही एक वारदात को अंजाम देने की साजिश में थे। ऋषि चुलकाना डीएफएससी के एक इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में सजायाफ्ता है और हाईकोर्ट का बेल जंपर था। डीएसपी नरेश अहलावत के समालखा में चार्ज संभालने के बाद एसआईटी समालखा की पहली बड़ी उपलब्धि है। एसपी ने भी पुलिस अधिकारियों को शाबाशी दी है।
डीएसपी नरेश अहलावत ने वीरवार को पूरे मामले का पटाक्षेप किया। उन्होंने बताया कि एसआईटी को दो बदमाशों द्वारा हलके में किसी वारदात को अंजाम देने की सूचना मिली। जिसके बाद एसआईटी की इंचार्ज राज सिंह, एसआई सुल्तान सिंह, एएसआई अंग्रेज सिंह, एएसआई तैन सिंह, एएसआई राजकुमार, सिपाई सुनील, सिपाही कीर्ति व एचसी बिजेंद्र की टीम ने दबिश देते हुए गांव पट्टीकल्याणा के पास एक बदमाश को काबू किया। पुलिस ने इनमें से काबू एक आरोपी की पहचान ऋषि चुलकाना के रूप में की और उससे 315 बोर की दो पिस्तौल, 32 बोर की एक पिस्तौल, एक 12 बोर का कट्टा और आठ कारतूस बरामद किए। उन्होंने बताया कि वह हाईकोर्ट से बेल जंपर है और उस पर सोनीपत पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ है। जबकि भापरा रोड से बदमाश प्रदीप निवासी रसूलापुर, यूपी को एक 12 बोर का डोगा व एक कारतूस के साथ काबू किया। डीएसपी अहलावत ने बताया कि दोनों आरोपियों को शुक्रवार अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा।
दिनेश गैंग से की थी शुरुआत
डीएसपी नरेश अहलावत ने बताया कि इनामी बदमाश ऋषि चुलकाना ने गांव के ही दिनेश गैंग से आपराधिक जीवन की शुरुआत की थी। वह कुछ ही दिन में गैंग का शार्प शूटर बन गया। उसने गांव के ही फूड एंड सप्लाई में इंस्पेक्टर रमेश की हत्या कर दी थी। जिसमें आरोपी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई थी। ऋषि चुलकाना ने इस मामले में हाईकोर्ट से पैरोल ली थी और बाहर आते ही सोनीपत में एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास किया था। वह इसके बाद लगातार फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि ऋषि चुलकाना दसवीं तक पढ़ा है। आरोपी ने बीच में यूपी में डेयरी भी चलाई, लेकिन वह फिर से अपराध की दुनिया में आना चाहता था और समालखा में किसी वारदात को अंजाम देने की नीयत से आया था।
ये दर्ज हैं मुकदमे
-ऋषि चुलकाना पर 2004, 05, 06, 07, 08 में हत्या के प्रयास के छह केस।
-2005 में ही डकैती का केस दर्ज।
-2005 में फिरौती का केस दर्ज हुआ।
-2005 और 2007 में हत्या के दो केस दर्ज। जिसमें एक मामले में उसने गांव के ही रमेश की हत्या की थी।
-इसके अलावा आरोपी पर चोरी, लूटपाट, फिरौती, आर्म्स एक्ट और लड़ाई झगड़ों सहित कुल 21 केस दर्ज हैं।