मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि पानीपत की तीनों लड़ाइयों के सूचक काला आंब को राष्ट्रीय पर्यटक केंद्र बनाया जाएगा। इसमें सभी योद्धाओं की स्मृतियां स्थापित की जाएगी। सुरक्षा की दृष्टि से एक पुलिस चौकी भी बनाई जाएगी। प्रदेश सरकार इसे लेकर पांच करोड़ पहले ही दे चुकी है।
सौदापुर स्थित हेमचंद्र विक्रमादित्य की समाधि को भी ऐतिहासिक स्थल बनाया जाएगा।
योद्धा स्मारक समिति की ओर से काला आंब में शनिवार को छत्रपति शिवाजी राज्याभिषेक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 350 वर्ष पूर्व आज ही के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था और हिंदू राज्य की स्थापना हुई थी। आज ही के दिन मुगलों के शासन से छुटकारा मिला था। इसीलिए आज का दिन स्वतंत्रता दिवस जितना ही महत्व का है।
छत्रपति शिवाजी के नाम से होगा मार्ग
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि उन्हाेंने पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काला आंब को विकसित करने का सुझाव दिया था। पेट्रोलियम मंत्री ने चार जून को लिखित पत्र भेजकर काला आंब को विकसित करने के लिए आईओसीएल की ओर से धनराशि उपलब्ध कराने की बात कही।
इसे विकसित करने के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि की पहले ही घोषणा की गई है। इसे राष्ट्रीय स्तर का पर्यटक केंद्र बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से पर्यटक आते हैं। उन्हें सुरक्षा का माहौल देने के लिए एक पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उग्रा खेड़ी से काला आंब तक के मार्ग का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज रखने और उग्रा खेड़ी के पास स्वागत द्वार बनाने की घोषणा की। हालांकि समिति द्वारा पानीपत से हरिद्वार जाने वाले पूरे मार्ग का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज रखने की मांग रखी थी।
इसके अलावा बलजीत नगर व राजा खेड़ी के रास्तों को चौड़ा कर पक्का करने की घोषणा की। सीएम ने सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में बनाए गए संग्रहालय को काला आंब में स्थापित करने के लिए कहा।
लोहगढ़ और तरावड़ी में होंगी मूर्ति स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुुरु गोविंद सिंह ने मुगलों के साथ लड़ाई लड़ी। वे शिवाजी के समकालीन थे। गुरु गोविंद सिंह ने नांदेड़ महाराष्ट्र में जाकर बंदा वीर वैरागी को मुगलों के खिलाफ लड़ने के लिए कहा और मुगलों के दांत खट्टे किए। बंदा वीर वैरागी ने पहले सिख राज्य की स्थापना की और इन्होंने हरियाणा व हिमाचल सीमा पर स्थित लोहगढ़ में अपनी राजधानी बनाई। इसमें भी भव्य स्मारक बनाया जाएगा। तरावड़ी में भी पृथ्वीराज चौहान की मूर्ति स्थापित की जाएगी।
संस्कृति को बचाने में दिया योगदान
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री विनायक देश पांडेय ने जहां पानीपत के तीन ऐतिहासिक युद्धों की गाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल की त्रयोदशी को 342 साल पहले महाराष्ट्र के रामगढ़ के किले में छत्रपति शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ था। यह इतिहास का एक टर्निंग प्वाइंट था।
घरौंडा विधायक एवं हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण ने कहा कि शिवाजी ने अपनी सेना में पांच गुणा तक वृद्धि की। भारत की प्राचीन संस्कृति को बचाने में अहम योगदान दिया।
इस अवसर पर योद्धा स्मारक समिति के संगठक सचिव राजेश गोयल, पानीपत ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली, जिला परिषद चेयरमैन आशु शेरा, योद्धा स्मारक समिति के अध्यक्ष दर्शनलाल जैन, पार्षद दुष्यंत भट्ट, नीतिसैन भाटिया, शिवकुमार जैन, रविंद्र भाटिया, रघुबीर सैनी, कुलदीप शर्मा, महेश थरेजा, हिमांशु कटारिया, शशी कांत कौशिक, रामरत्न सरपंच गांव महराना, सतपाल नांदल, राजबीर नांदल आदि थे।