गांव कवी में मां के हमले में घायल हुई सात साल की बच्ची ने 64 घंटे बाद दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत से परिवार और गांव में सन्नाटा पसर गया है। इसके साथ ही परिवार की आखिरी निशानी बचने और पुलिस की मामले खोलने की महत्वपूर्ण कड़ी दोनों ही समाप्त हो गई। पुलिस ने चंडीगढ़ पीजीआई में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को वीरवार देर शाम गांव कवी लेकर पहुंचे। थाना मतलौडा पुलिस ने हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए छानबीन तेज कर दी है।
शहर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन कानिका की बुधवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। परिजन उसे चंडीगढ़ पीजीआई ले जा रहे थे, लेकिन उसने वहां जाते-जाते दम तोड़ दिया। पीजीआई के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। थाना मतलौडा पुलिस सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पीजीआई पहुंची। बच्ची की मौत के बाद थाना मतलौडा पुलिस भी सकते में है। वह अभी तक कनिका से ही पूरे मामले का खुलासा करने की आस लगाए हुए थी। इस वारदात की बारीकी से छानबीन में थाना मतलौडा पुलिस जुटी हुई है।
मतलौडा के अंतर्गत गांव कवी निवासी महिला मोनिका अपनी बहन की शादी में जाने की तैयारी कर रही थी। वह अपने पति राजेंद्र से भी शादी में चलने की कह रही थी। लेकिन, राजेंद्र शादी के दिन ही शामिल होने की कह रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में बहस हो गई। आरोप है कि इससे मोनिका तैश में आकर दोनों बच्चों को अपने साथ कमरे में ले गई। वहां से बच्चों के चिल्लाने की आवाज आई तो परिजन मौके पर पहुंचे। तब तक पांच साल के कवी की मौत हो चुकी थी, जबकि सात साल की कनिका बेहोशी थी। मायका पक्ष का आरोप है कि उसके पति ने मोनिका की फंदा लगाकर हत्या की है। सूचना मिलते ही थाना मतलौडा पुलिस ने जरूरी कार्रवाई कर कनिका को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
बच्ची कनिका की बुधवार देर रात तबीयत खराब हो गई थी। उसे चंडीगढ़ पीजीआई ले जाया जा रहा था। वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
धर्मबीर खर्ब, प्रभारी, थाना मतलौडा पानीपत।