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‘पुलिस वालों ने भी लूटी अस्मत, सामने आए तो पहचान सकती हूं’

Fri, 07 Apr 2017 12:57 AM IST
ब्यूरो पानीपत
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डेमो पिक
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मैडम! मैं असम से अपनी एक सहेली के साथ दिल्ली में उसके एक मामा के घर घूमने आई थी। मेरे पिता मुझे मना करते रहे, लेकिन मां ने मेरी जिद को पूरा किया और टिकट के पैसे के साथ ही जेब खर्च के लिए एक हजार रुपये दिए। सहेली मुझे बाजार में शॉपिंग का नाम देकर अपने मामा के घर छोड़कर चली गई। उसके मामा ने मुझे 45 हजार में चार दिन के लिए बेच दिया। इसके बाद मुझे पानीपत लाया गया। यहां पर एक महिला समेत कई लोगों ने अनैतिक कार्य में धकेल दिया। कई पुलिस वाले भी मेरी इज्जत से खेले। यदि वे खाकी वाले मेरे सामने आ जाएं तो मैं उनको पहचान सकती हूं। होटलों को भी पहचान सकती हूं।
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दिल को सहमाने वाली बात असम निवासी दुराचार पीड़िता किशोरी ने राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य के सामने वीरवार को बताई। आयोग की सदस्या सुनीता देवी भी बच्ची की बात सुनकर दंग रह गई। उन्होंने सीडब्ल्यूसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। कई पुलिसकर्मी भी किशोरी के बयान दर्ज करने अनाथालय पहुंचे। आरोप है कि पुरुष पुलिसकर्मियों के उल्टे सीधे सवालों का किशोरी जवाब नहीं दे पाई और शर्म की वजह से बीच में उठकर अंदर चली गई।
बच्ची ने माता-पिता के पास जाने की इच्छा जताई
जाटल रोड शोंधापुर स्थित बाल अनाथालय में रह रही असम निवासी दुराचार पीड़िता ने अपने घर पर जाने की इच्छा जाहिर की है। किशोरी ने वीरवार को पुनर्वास केंद्र में सीडब्ल्यूसी अधिकारियों और पुलिस को अपने पिता का मोबाइल नंबर देने के साथ ही गांव का पता भी दिया। चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्य ईश्वर सिंह ने कहा कि दुराचार की शिकार किशोरी का बयान लेने के लिए दो पुरुष पुलिस कर्मचारी पहुंचे। उनके साथ कोई भी महिला पुलिस कर्मी नहीं थी। यह बेहद निंदनीय है। इस मामले की शिकायत बाल आयोग में की जाएगी।
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तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
विदित है कि थाना मॉडल टाउन पुलिस ने रविवार को जाटल रोड से एक किशोरी को बरामद किया था और उसकी शिकायत पर एक महिला समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अधिकारियों की मानें तो किशोरी को डेढ़ माह तक बंधक बनाकर उसके साथ अनैतिक कार्य करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।


बाल अनाथालय में किशोरी के बयान लेने के लिए नहीं गए। बाल कल्याण समिति के अधिकारियों से मिलने गए थे, क्योंकि उन्होंने कहा था कि बच्ची के पिता का मोबाइल नंबर और गांव का पता उन्होंने ले लिया है। बच्ची के पिता से संपर्क कर रहे हैं। यही जानने के लिए आज बाल अनाथालय गए थे। बच्ची के कोई बयान दर्ज नहीं किए गए। इस तरह का कोई मामला आता है उचित कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र सिंह, प्रभारी, आठ मरला चौकी, पानीपत।

असम की रहने वाली किशोरी ने अपने साथ हुए अत्याचार की कहानी बताई है। किशोरी का आरोप है कि उसके साथ दुराचार करने वालों में कई पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। सामने आने पर वह उन्हें पहचान सकती है। इसके लिए सीडब्ल्यूसी अधिकारी की जिम्मेदारी लगाई गई है। पुलिस अधिकारियों से भी इसका जवाब मांगा जाएगा।
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सुनीता देवी, सदस्य, राज्य बाल सरंक्षण आयोग।
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