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रंगदारी नहीं देने पर जेल में बंद भूरा ने कराया था डॉक्टर पर हमला

Fri, 07 Apr 2017 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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डॉक्टर पर हमले का खुलासा करते एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में रंगदारी नहीं देने पर देवबंद के डाक्टर अनुज गोयल पर हमला पटियाला जेल में बंद अमित भूरा ने कराया था। तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवाना के दो शार्प शूटरों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस ने एक शार्प शूटर को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को मामले का खुलासा किया है। हमले में शामिल दूसरा शार्प शूटर अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका।

देवबंद के वीर नर्सिंग होम के डाक्टर अनुज गोयल पर 4 अप्रैल की रात को दो शूटरों ने हमला कर घायल कर दिया था। घायल को हायर सेंटर के लिए मेरठ रेफर किया गया था।

इस मामले में देवबंद पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की टीम ने जांच की। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर देवबंद के साईं धाम मंदिर के पास से एक बदमाश को दबोच लिया। 
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एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पुलिस पूछताछ में युवक ने अपना नाम मंजीत निवासी बरवाला थाना सादा डेयरी दिल्ली बताया। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं।

बताया कि पुलिस पूछताछ में मंजीत ने बताया कि चमोली जेल में बंद देवबंद के ग्राम मिरगपुर निवासी सुशील गुर्जर, पटियाला जेल में बंद मुजफ्फरनगर के फुगाना थाना के ग्राम सरनावली निवासी अमित उर्फ भूरा तथा दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के ग्राम बवाना निवासी नीरज बवाना ने चिकित्सक अनुज गोयल से रंगदारी वसूलने की योजना बनाई थी। अमित भूरा ने चिकित्सक को फोन कर रंगदारी मांगी। 

 लेकिन रंगदारी नहीं मिली। जिस पर अमित भूरा ने नीरज बवाना से चिकित्सक पर हमला कराने के लिए कहा। नीरज बवाना ने हमले के लिए 4 अप्रैल को अपने दो शार्प शूटरों को भेजा।

जिनमें एक मंजीत तथा दूसरा फुगाना के ग्राम डूंगरपुर निवासी अंकुश उर्फ विक्की शामिल था। दोनों ने नकाब पहनकर चिकित्सक पर हमला किया और फरार हो गए।

एसएसपी लव कुमार ने बताया कि अभी एक शार्प शूटर मंजीत ही गिरफ्तार हो सका है। जबकि दूसरे शूटर अंकुश की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसएसपी लव कुमार ने बताया कि मंजीत पर दिल्ली में अपराध के मामले दर्ज हैं, जिनकी जानकारी कराने का प्रयास किया जा रहा है। मंजीत 2012 में हत्या के प्रयास में बवाना दिल्ली से तिहाड़ जेल जा चुका है। वर्ष 2015 में ही वह जेल से बाहर आया है।

पुलिस उप महानिरीक्षक जेके शाही ने घटना का खुलासा किए जाने पर पुलिस टीम को 12 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है। इस टीम में देवबंद के प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह चावड़ा, उप निरीक्षक पंकज कुमार, कृष्ण कुमार, विक्रांत और सचिन शामिल हैं।
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