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Paper Solver Gang: कई प्रदेशों के कोचिंग सेंटरों के संपर्क में था गैंग, राजस्थान, यूपी, दिल्ली तक फैला नेटवर्क

Sat, 18 Feb 2023 01:14 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)

सार

पानीपत पुलिस की टीम पंजाब में दो दिन से है। आज शनिवार को आरोपी कोर्ट में पेश होंगे। अमृतसर स्थित सत्यम कॉलेज की कंप्यूटर लैब के संचालक मनबीर थिग के साथी फरार हैं। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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केंद्रीय विद्यालय संगठन की टीजीटी की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान पकड़ा गया सॉल्वर गैंग हरियाणा के साथ ही राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कोचिंग सेंटरों के संपर्क में था। गैंग का मास्टरमाइंड रेलवे में क्लर्क कपिल कोचिंग सेंटरों के संपर्क में था। पुलिस की जांच का दायरा पंजाब के साथ ही हरियाणा से जुड़े राज्यों में बढ़ रहा है।

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पुलिस इन कोचिंग सेंटरों की भी जांच करेगी। उधर, पानीपत पुलिस की टीम शुक्रवार को भी पंजाब में ही डेरा जमाए रही। फिलहाल अमृतसर के सत्यम कॉलेज की कंप्यूटर लैब से सॉल्वर गैंग को सहयोग देने वाले लैब संचालक मनबीर थिग के साथियों की धरपकड़ में कामयाबी नहीं मिली है। लैब बंद कर फरार चल रहे हैं।

पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार को भी पानीपत पुलिस ने कंप्यूटर लैब संचालक मनबीर थिग के साथियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पुलिस ने अमृतसर स्थित सत्यम कॉलेज के परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी की फुटेज निकलवाने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन को अधिकारिक पत्र लिखकर फुटेज मांगी गई है।
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इसके साथ ही 14 फरवरी की परीक्षा में बैठे परीक्षार्थियों, लैब कर्मचारियों, परीक्षा के दौरान मौजूद स्टॉफ की भी जानकारी मांगी गई है। इसके बाद परीक्षार्थियों और कॉलेज स्टाफ के साथ पूछताछ शुरू की जाएगी।

पुलिस ने 14 फरवरी को टीजीटी परीक्षा में परीक्षा केंद्र का कंप्यूटर रिमोट पर लेकर पेपर सॉल्वर करते वक्त मास्टर माइंड कपिल, अमृतसर के लैब संचालक मनबीर थिंग और तीन सॉल्वर आनंद, प्रदीप और हरिकेश को पकड़ा था। दो सॉल्वर आनंद एवं प्रदीप को पूछताछ के बाद जेल भेजा जा चुका है।

कपिल, मनबीर और हरिकेश की तीन दिन की रिमांड अवधि शनिवार को समाप्त हो रही है, जिन्हें शनिवार को पानीपत कोर्ट में पेश किया जाएगा। संभावना जताई जा रही कि पुलिस तीनों की रिमांड अवधि बढ़वा सकती है, क्योंकि अभी तक गैंग में शामिल करीब 24 लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

रिजल्ट आने पर 10 परीक्षार्थियों से पांच-पांच लाख रुपये और लेने थे
सूत्रों की माने में तो मास्टर माइंड कपिल ने टीजीटी के 10 परीक्षार्थियों से दो-दो लाख रुपये एडवांस लिए थे। परीक्षार्थियों के साथ हुई डील के मुताबिक परीक्षा देने के तीन दिन बाद यानि 17 फरवरी को तीन लाख रुपये लेने जबकि परीक्षा का रिजल्ट आने पर बचे हुए पांच लाख रुपये देने थे। पुलिस परीक्षार्थियों से लिए गए इन रुपयों को भी बरामद करने में जुटी है। यह भी जांच की जा रही है कि इन दो लाख रुपये में किन लोगों को हिस्सा दिया जा चुका था।

टीम ने दबिश के लिए पंजाब पुलिस से मांगा सहयोग
पानीपत की सीआईए-2 की टीम पंजाब में डेरा डाले हुए है। करीब 20 पुलिसकर्मियों की टीम मनबीर के साथियों के ठिकानों पर दबिश दे रही है। पानीपत पुलिस ने पंजाब पुलिस से भी सहयोग मांगा है। इसके अलावा सीआईए की दूसरी टीम जींद, हिसार और रोहतक में दबिश दे रही है।

एफएसएल को बुलाकर कराई जा रही जांच
अमृतसर के सत्यम कॉलेज की कंप्यूटर लैब में परीक्षार्थियों के किन कंप्यूटरों का रिमोट एक्सेस लिया गया, इसकी जांच के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है। जिससे सभी कंप्यूटरों की गहनता से जांच की जा सके। दूसरी तरफ जब्त किए गए 17 लैपटॉप से भी डाटा निकाला जा रहा है, ताकि अमृतसर लैब के कंप्यूटर सिस्टम और लैपटॉप के डाटा का मिलान किया जा सके।

महिला कांस्टेबल और उसके पति की भूमिका की होगी जांच
मेटरनिटी लीव पर चल रहीं गांव बिजावा निवासी एक महिला कांस्टेबल और उनके पति की भूमिका भी टीजीटी परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग के साथ संपर्क में होने की सामने आ रही है। दोनों ने पहली शिफ्ट में टीजीटी की परीक्षा दी और महिला कांस्टेबल का पेपर हो गया, लेकिन उसके पति की परीक्षा नहीं हो सकी थी क्योंकि उनका पेपर कंप्यूटर पर नहीं खुल सका था। यह भी आरोप है कि महिला कांस्टेबल के पति ने ही सॉल्वर गैंग के लिए होटल टेन स्पून में कमरा बुक कराया था, जब इस बारे में टेन स्पून होटल के मालिक सुरेंद्र मलिक से बात की गई, तो उनका कहना था कि 11 फरवरी को आए दो आरोपियों ने ही कमरा बुक कराया था। उन्हें कांस्टेबल या उसके पति की ओर से कमरा बुक कराने की पुष्टि नहीं की। दोनों की धरपकड़ अभी नहीं हो सकी है। इस मामले में एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि यह संज्ञान में हैं, इस मामले में महिला कांस्टेबल की कितनी संलिप्तता है, इसकी जांच की जा रही है।

परीक्षा के दौरान सत्यम कॉलेज के स्टाफ में से कौन मौजूद था, कितने शिक्षक थे, ऑनलाइन परीक्षा के दौरान कक्ष पर्यवेक्षक के तौर किसकी ड्यूटी थी था, कितने टीचर थे, ऑनलाइन परीक्षा के दौरान लैब में कौन निगरानी रख रहा था, कितने परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, इन सबकी जानकारी देने के लिए कॉलेज प्रबंधन को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है। - वीरेंद्र सिंह, प्रभारी, सीआईए-2, पानीपत पुलिस

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