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सरकारी विभागों में नकद लेन-देन पर लगेगा अंकुश

Thu, 01 Dec 2016 11:49 PM IST
amar ujala beuro panipat
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सरकारी विभागों में अब किसी भी तरह के नकद लेन-देन पर प्रभावी रूप से अंकुश लगाया जाएगा। सभी विभागाध्यक्ष अपने विभाग के सभी अधिकारियों और चतुर्थ श्रेणी तक के कर्मचारियों को कैशलेस लेनदेन को लेकर जागरूक करेंगे। सरकारी खाते से कोई भी पैसा केवल खाते में ही जाएगा। इसी तरह यदि सरकारी खाते में कोई पैसा जमा होता है तो वह भी खाते से ही जमा होगा।
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ये बात तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अनिल मलिक ने वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में सभी विभागाध्यक्षों को एक दिवसीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। सेमिनार में उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे के अलावा सभी प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
अनिल मलिक ने कहा कि सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए विभागों में कैशलेस लेन-देन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। इस पर गंभीरता से अमल होना चाहिए। सभी विभागाध्यक्ष अपने सभी कर्मचारियों को इस बारे ज्यादा से ज्यादा जागरूक करें। इसके लिए आईटी विशेषज्ञ या बैंक अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है कि वे किस तरह से विभिन्न एप्स का प्रयोग कर ई-लेनदेन  को आगे बढ़ा सकते हैं।
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सप्ताह के अंदर-अंदर कैशलेस अपनाया जाएं
उन्होंने कहा कि यह कार्य एक सप्ताह के अंदर-अंदर हो जाना चाहिए। सभी अधिकारी अपने आप को ई-रेडी रखें। स्वयं के विवेक से नॉन कैश लेन-देन को ज्यादा से ज्यादा आगे बढाएं और स्वयं अभ्यास करें और पूरे स्टाफ  को भी इसका विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिलवाएं। उन्होंने कहा कि विभाग में ठेकेदारों के माध्यम से लगे कर्मचारी या दिहाड़ीदार लोगों को किसी भी तरह से नकद मेहनताना न दिया जाएं। भविष्य में इस तरह का लेनदेन होगा तो विभागाध्यक्ष इसके लिए व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार होगा।
अनिल मलिक ने कहा सभी आधार नंबरों को मोबाइल नंबरों से लिंक करवाएं। इसके साथ-साथ जिन भी कर्मचारियों के खाते नहीं हैं, उनके खाते खुलवाए जाएं और उनके एटीएमए रुपये या प्रीपेड कार्ड भी बैंकों से बनवाए जाएं। उन्होंने श्रम अधिकारी को कहा कि वे स्थानीय लेबर चौक पर जाकर श्रमिकों के खाते खुलवाएं और उन्हें मौके पर ही सभी सुविधा बैंकों की तरफ से उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक जन-धन योजना के तहत 55 लाख खाते खोले गए हैंञ जिनमें से 47 लाख लोगों को रुपये कार्ड दिया गया है। करीब 34 लाख उपभोक्ताओं के कार्ड चालू हालत में हैं। बचे हुए लोगों को रुपये कार्ड भी उपलब्ध करवाया जाएगा और जो इसका उपयोग नही कर रहे हैं उन्हें भी जागरूक किया जाएगा।
बेरोजगारों को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर

उन्होंने कहा कि रोजगार विभाग में ऑनलाइन माध्यम से जिन बेरोजगारों ने आवेदन किया है उन्हें सक्ष्म और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि ये शिक्षित युवा बेरोजगार लोगों को कैशलेस योजना से जोड़ने के लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा जागरूक कर सकें। सरकार द्वारा इनको बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। उपायुक्त चंद्रशेखर खरे ने तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अनिल मलिक को बताया कि जिला में आधार और मोबाइल को लिंक करने का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा। इसमें और तेजी लाई जाएगी। जिला में जन-धन योजना के तहत खोले गए खातों में से करीब सात प्रतिशत के पास रुपये कार्ड नहीं है। इनका लक्ष्य निर्धारित कर यह कार्य सिरे चढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला के सभी कॉमन सर्विस सेंटरों पर कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने का कार्य सूचारू रूप से किया जाएगा।
कई स्थानों पर माइक्रोएटीएम भी लगाए गए हैं। इसके साथ-साथ पीओएस मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
चंद्रशेखर खरे ने बताया कि लघु सचिवालय में ई-दिशा केंद्र पर डीआईटीएस द्वारा किए जाने वाले शुल्क को कैशलेस किया जा रहा है। एक या दो दिन में यहां पर पीओएस मशीन लगाई जाएंगी। ताकि छोटे लेनदेन नॉन कैश हो सकें। उन्होंने बताया कि बड़े स्तर पर सरकारी फीस जमा कराने के लिए ड्राफ्ट बनवाने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा प्रेरित किया जाएगा।
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