थाना चांदनीबाग के अंतर्गत वीआईपी सेक्टर 11 और 12 के साथ लगते देवपुरी रोड स्थित बाथमैट बनाने की फैक्ट्री ‘जय मां’ में रविवार तड़के आग लगने से एक महिला श्रमिक जिंदा जल गई जबकि उसके आठ साल के बेटे की दम घुटने मौत हो गई। महिला की एक बेटी और एक बेटा बच निकलने में कामयाब हो गए।
फैक्ट्री में आग लगने का प्राथमिक कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे के बाद आसपास की फैक्ट्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए और फैक्ट्री के दोनों मालिकों के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार महेश नंदवानी और यश नंदवानी की देवपुरी रोड स्थित जय मां के नाम से बाथमैट बनाने की फैक्ट्री है। वीर कालोनी उग्रा खेड़ी मोड़ निवासी शमशीदा अपनी बड़ी बेटी इसराना, बड़े बेटे आजिम और आठ साल के अनश के साथ शनिवार रात फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट पर आई थी।
दो मंजिला फैक्ट्री में इसराना व आजिम प्रथम तल व शमशीदा तीसरे तल स्थित मशीन हॉल में काम कर रही थी। बताया जा रहा है कि रविवार अल सुबह करीब चार बजे फैक्ट्री के मैदानी तल पर अचानक आग लग गई। कच्चे व तैयार माल में आग धीरे-धीरे फैल गई। करीब साढ़े पांच बजे आग भड़क गई और पूरी फैक्ट्री में धुआं भर गया।
इसराना व आजिम समेत दो-तीन अन्य श्रमिक बच निकले। शमशीदा अपने आठ साल के बच्चे अनश को लेकर बाहर निकलने लगी तो दूसरी मंजिल स्थित गोदाम के गेट के बाहर पड़ी धागे की गांठ में लगी आग की चपेट में आ गई। शमशीदा आग से जूझने लगी तो हाथ से उसका बेटा छूट गया।
इसी बीच शमशीदा भी वहीं पर गिर गई और झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। अनश (08) धुएं के प्रभाव के चलते दम तोड़ गया। आसपास की फैक्ट्रियों के श्रमिक बचाव को आए लेकिन आग की लपटों व धुएं के प्रभाव के चलते आगे नहीं बढ़ सके।दमकल विभाग की टीम सूचना मिलते ही तीन गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इसरार ने बताया कि वह मूल रूप से रसूलपुर, मीरापुर बिजनौर का रहने वाला है और परिवार समेत वीर कालोनी में रहता है। उसकी पत्नी शमशीदा व तीनों बच्चे शनिवार को देवपुरी रोड स्थित बाथमैट फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट में गए थे। यहां पर आग लगने से उसकी पत्नी शमशीदा व छोटे बेटे अनश की मौत हो गई।
फैक्ट्री में नहीं मिला एंटी फायर सिलेंडर, न ही नंबर
फैक्ट्री में आग लगने के दौरान किसी तरह की मदद नहीं मिल सकी जिसके चलते दूसरी फैक्ट्रियों के श्रमिक भी आग बुझाने व मां-बेटा को बचा लेने की हिम्मत नहीं जुटा सके। फैक्ट्री में एक भी फायर सिलेंडर नहीं मिला। फायर ब्रिगेड का भी नंबर किसी के पास नहीं मिला। कई घंटे के बाद किसी ने पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी।
इसके बाद ही करीब सवा छह बजे दमकल विभाग की टीम पहुंच सकी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में एंटी फायर सिलेंडर होता या आपातकालीन सेवाओं की मदद मिल जाती तो मां-बेटा जिंदा बच सकते थे।
प्रशासन ने फैक्ट्री का मांगा सारा रिकार्ड
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने फैक्ट्री में आग की घटना के तुरंत बाद कड़ा कदम उठाया। डीसी ने एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी को मौका मुआयना कर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। एसडीएम विवेक चौधरी देवपुरी रोड पर स्थित जय मां फैक्ट्री में पहुंचे और पूरी फैक्ट्री का मौका मुआयना किया।
उन्होंने कहा की जिला प्रशासन दुख की इस घड़ी में पीड़ित पक्ष के साथ है। एसडीएम ने फैक्ट्री मालिक को पूरा रिकार्ड जमा करवाने के आदेश दिए गए। एसडीएम ने पोस्टमार्टम और एफआईआर की प्रति प्राप्त होने के बाद नियमानुसार पीड़ित की मदद भी करने का भरोसा दिया। उन्होंने सभी संस्थानों से अच्छी गुणवत्ता के अग्निश्मन यंत्र लगवाने की अपील की।
फैक्ट्रियों में आग ले रही लोगों की जान
22 सितंबर को गोहाना रोड महराना स्थित एक धागा मिल की मशीन में आग लग गई थी। जिसमें बरवाटोला मुजफ्फरनगर निवासी संतोष जिंदा जल गया था, जबकि दूसरा श्रमिक वीर सिंह बुरी तरह से झुलस गया था। थाना मॉडल टाउन के अंतर्गत आठ मरला चौकी पुलिस ने इसमें 174 के तहत कार्रवाई की थी।
इससे पहले गत सप्ताह सनौली रोड उग्रा खेड़ी मोड़ स्थित एक फैक्ट्री में एक श्रमिक भी जिंदा जल गया था। 21 सितंबर को समालखा स्थित एक फाउंड्री उद्योग में श्रमिक राजकुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। थाना समालखा पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर फाउंड्री संचालक व मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पुलिस को रविवार सुबह देवपुरी रोड स्थित एक फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। वे मौके पर तुरंत पहुंच गए थे। आग लगने से एक महिला व उसके आठ साल की बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने इसमें फैक्ट्री मालिक महेश नंदवानी व यश नंदवानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना चांदनी बाग, पानीपत।