अतिरक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार की कोर्ट ने दो हजार की रिश्वत के आरोपी कोर्ट बैलिफ्फ को चार साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की कोर्ट में नियुक्त था। आरोपी को जुर्माना राशि जमा न कराने पर अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
मामला 14 मार्च 2015 का है। विजिलेंस से मिली जानकारी के आधार पर ऋषिपाल निवासी सिद्धार्थ नगर पानीपत ने एक शिकायत निरीक्षक नरेंद्र राज्य चौकसी ब्यूरो इकाई पानीपत को दी थी। उसने शिकायत में बताया था कि वह परिवार सहित जिस मकान में रह रहा है, उस मकान पर दीवानी मुकदमा चल रहा था और न्यायालय में वह मुकदमा हार गया है। जो न्यायालय ने मकान का कब्जा मुकदमा जीतने वाले शख्श को देने के बारे में आदेश पारित किए थे। उक्त आदेश अमित गर्ग अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायलय में नियुक्त रविंद्र बैलिफ्फ द्वारा दिए जाने थे, लेकिन रविंद्र बैलिफ्फ ने कहा की वह कुछ समय तक उक्त आदेश अपने पास लंबित रख लेगा ताकि शिकायतकर्ता को फैसले के खिलाफ अपील करने का समय मिल जाएं और आदेश लंबित रखने की एवज में दो हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। निरीक्षक नरेंद्र ने उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला डाला और रेडिंग टीम गठित कर आरोपी रविंद्र को को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने बैलिफ्फ रविंद्र को रिश्वत के आरोपी में दोषी करार देते हुए चार साल की कैद व छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।