पुलिस सेक्टर-11-12 में लावारिस मिली दोनों जुड़वा बहनों के अपनों की पहचान करने में जुट गई है। तीन टीमें कई जिलों के सरकारी व निजी अस्पतालों का अल्ट्रासाउंड रिकार्ड खंगालने में लगी है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है वे जल्द ही आरोपियों की पहचान कर मामले को बेनकाब कर देंगे। पुलिस एक सप्ताह में 40 से अधिक निजी अस्पतालों का अल्ट्रासाउंड रिकार्ड खंगाल चुकी है।
एक सप्ताह पहले सेक्टर 11-12 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर के घर के सामने मिली दो जुड़वा बच्चियों के माता-पिता का अब तक सुराग नहीं लगा है। एसपी राजेश दुग्गल के आदेश पर पुलिस की तीन टीमें बच्चियों के माता-पिता का पता लगाने में जुट गई हैं।
दोनों बच्चियों के माता-पिता का सुराग लगाने के लिए पुलिस पानीपत, सोनीपत व करनाल समेत कई जिलों के निजी अस्पतालों का अल्ट्रासाउंड रिकार्ड खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चियों का जन्म किस अस्पताल में हुआ है। पुलिस की टीमें कई जिलों के 40 से अधिक अस्पतालों का अल्ट्रासाउंड रिकार्ड खंगाल चुकी है।
लेकिन अब तक परिणाम सीफर ही रहा है, वहीं दोनों बच्चियों का सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में इलाज चल रहा है। दोनों बच्चियां पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। चार डॉक्टरों की देखरेख में दोनों बच्चियों का इलाज चल रहा है। विदित है कि 14 सितंबर को सेक्टर 11-12 स्थित एक निजी अस्पताल के डॉक्टर के मकान के सामने टोकरी में दो नवजात बच्चियां मिली थी।
बच्चियों के पास पांच हजार रुपये व ब्रैड के पैकेट भी मिले थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चियों को सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया था। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस अब भी मामले की जांच में जुटी।
दोनों बच्चियों के माता-पिता का पता लगाए जाने की कोशिश कर जा रही है। कई जिलों के 40 से अधिक निजी अस्पतालों का अल्ट्रासाउंड रिकार्ड खंगाला जा चुका है। अब तक मामले में पुलिस के हाथ सुराग नहीं लग पाए है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जगदीप दूहन, डीएसपी हैडक्वार्टर पानीपत।