खंड मतलौडा के गांव अटावला निवासी एक व्यक्ति ने शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि मर्डर मामले में पूछताछ के लिए सीआईए-वन टीम ने उसको इतना अधिक टॉर्चर किया कि उसको इससे बचने के लिए मौत का रास्ता आसान नजर आया।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है और उनके आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मिली जानकारी के अनुसार खंड मतलौडा के गांव अटावला निवासी पालाराम (46) ने शुक्रवार को अपने घर पर फांसी लगा आत्महत्या कर ली। पालाराम के ताऊ के लड़के बिजेंद्र ने बताया कि दिसंबर में गांव में एक व्यक्ति की हत्या हुई थी।
मतलौडा पुलिस ने पूछताछ के लिए पाला राम व तीन अन्य को उठाया था। आरोप है कि मतलौडा पुलिस ने पालाराम को सीआईए के हवाले कर दिया। सीआईए ने दो दिन तक पालाराम को टॉर्चर किया। गांव में जब भी पुलिस आने की सूचना मिलती वह घर छोड़कर भाग जाता था
कि कहीं दोबारा सीआईए उसको टॉर्चर न करे। कुछ दिन पहले पुलिस ने गांव से एक और व्यक्ति को पूछताछ के लिए उठाया तो पालाराम तब से परेशान रहने लगा। शुक्रवार को उसने घर में फंदा लगा जान दे दी। परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
मानसिक रूप से बीमार था, टॉचर्र करने के आरोप निराधार
गांव में हुए हत्या के मामले में पालाराम को पूछताछ के लिए एक दिन थाने में बुलाया था। शाम को उसको घर भेज दिया था। सीआईए को सौंपने जैसी कोई बात नहीं थी। कुछ लोग जान बूझकर निराधार आरोप लगा रहे हैं। पालाराम मानसिक रूप से बीमार था और मनोचिकित्सक के पास उसका इलाज भी चल रहा था।
-धर्मबीर खर्ब, प्रभारी, थाना मतलौडा, पानीपत।