पानीपत। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में जेबीटी चौथे सेमेस्टर की छात्रा (प्रशिक्षु शिक्षक) को परिसर की दूसरी मंजिल की छत पर दिनदहाड़े गोली मारने की घटना ने संस्थान की सुरक्षा और पूरे मामले में पुलिस जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी दूसरी मंजिल की छत पर जाकर छात्रा को गोली मारकर आसानी के साथ निकलकर भाग गया लेकिन सुरक्षा कर्मियों को भनक तक नहीं लगी। पुलिस जांच भी अब तक केवल मौका देखने तक ही सीमित रही। आरोपी की पल्सर मोटरसाइकिल कई घंटे तक डायट परिसर में ही लावारिस हालत में खड़ी रही। छुट्टी होने के बाद कुछ लोगों ने शक के आधार पर जांच पड़ताल की तो मोटरसाइकिल का पता चला। थाना शहर पुलिस इसके बाद ही मोटरसाइकिल को ले गई। हालांकि अधिकारी फिलहाल मोटरसाइकिल बरामद करने की बात से इनकार कर रहे हैं।
शहर के बीचोंबीच लालबत्ती चौक स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पानीपत में बुधवार को जेबीटी तृतीय सेमेस्टर की कक्षा में करीब 45 विद्यार्थी, चौथे सेमेस्टर के प्रेक्टिकल को लेकर सौ और एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट के सेमिनार में करीब 60 विद्यार्थी मौजूद थे। प्रेक्टिकल देने वाले विद्यार्थी टीचर के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी वक्त करीब 12 बजे एक छात्रा बचाओ-बचाओ चिल्लाते हुए मैदानी तल पर आई। उसके सिर से खून बह रहा था। छात्रा की मां ने उसको संभाला। कार्यकारी प्राचार्य जोगिंद्र सिंह जागलान आवाज सुनकर तुरंत पहुंचे। उन्होंने छात्रा के सिर से खून बहता देख अपनी गाड़ी को बाहर निकाला और उसकी मां के साथ छात्रा को लेकर तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में पहुंचे।
डायट में सुरक्षा के नहीं पुख्ता प्रबंध, सीसीटीवी भी नहीं
डायट परिसर में वैसे तो सोमवार व मंगलवार को जुवेनाइल कोर्ट लगती है, लेकिन बाकी दिनों में सुरक्षा रामभरोसे है। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। आरोपी विपिन अपनी बाइक को गेट के बिल्कुल सामने खड़ा कर सीधा डायट में दाखिल हुआ और छात्रा को लेकर छत पर चला गया। वे दोनों छत पर रखी पानी की कंडम टंकी के पीछे गए। यहां पर दोनों के बीच बहस हुई। संभवत: दोनों के बीच धक्का मुक्की भी हुई। आरोपी छात्रा के सिर में ईंट मारने के बाद पेट के ऊपर गोली मारकर बड़ी आराम से बचकर भाग गया। डायट में सीसीटीवी लगे हुए भी नहीं मिले।
पुलिस बल भी केवल मौका देखकर लौटा
सूचना मिलते ही एसएचओ शहर व कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वे मौका मुआयना कर अस्पताल में आ गए। किसी भी अधिकारी व कर्मी ने आसपास हथियार या फिर आरोपी की पहचान करने का प्रयास नहीं किया। पुलिस को तो आरोपी की मोटरसाइकिल का भी पता नहीं चल सका। डायट की कैंटीन में भी एक पर्स पड़ा मिला। इसमें अंदेशा लगाया जा रहा है कि आरोपी वारदात को अंजाम देकर कैंटीन की छत पर कूद गया। इस दौरान उसका पर्स पेंट की जेब से निकलकर गिर गया होगा।
मां भी अच्छी तरह से जानती थी
छात्रा के हमलावर युवक को उसकी मां अच्छी तरह से जानती थी। उसकी मां ने अपने मोबाइल से आरोपी का नंबर निकालकर पुलिस को दिया। उसके मोबाइल में विपिन के नाम से आरोपी का नंबर सेव था।
डाइट में चतुर्थ श्रेणी कर्मी की आसपास ड्यूटी रहती है। इसके अलावा स्टाफ भी नजर रखता है। इस तरह की सुरक्षा के प्रबंधों की कभी जरूरत महसूस नहीं की। इसको लेकर उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। डाइट में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
जितेंद्र सिंह जागलान, कार्यकारी प्राचार्य, डाइट, पानीपत।