जिले के बहुचर्चित चूरापोस्त गड़बड़झाले और आरोपी से 30 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में आरोपी एक एसआई देवेंद्र की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। जिसके बाद एसआई देवेंद्र समेत इस मामले में आरोपी बाकी तीन थानेदारों की भी मुश्किल बढ़ गई है।
एसआई देवेंद्र ने जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. एसके गर्ग की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। वीरवार को कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलों पर आधा घंटे सुनवाई चली। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. एसके गर्ग की अदालत ने एसआई देवेंद्र की जमानत याचिका खारिज कर दी। विदित है कि 24 दिसंबर को सीआाईए टू के चार थानेदारों एसआई जयबीर सिंह, देवेंद्र सिंह, एएसआई नरेश व कृष्ण कुमार ने समालखा थाने के अंतर्गत गांव बसाड़ा से 22 क्विंटल चूरापोस्त और दो किलोग्राम अफीम पकड़ी थी।
चारों पर आरोप है कि चारों थानेदारों ने गांव बसाड़ा निवासी सुदेश उर्फ बाबा को 30 लाख रुपये लेकर मामले से निकाल दिया था। आरोप है कि सीआईटू के इन चारों थानेदारों ने नौ क्विंटल चूरापोस्त सुदेश के घर से बरामद दिखाई और चारों ने 30 लाख की रिश्वत लेकर 22 क्विंटल चूरापोस्त की बरामदगी ट्रक से दिखाई थी। चारों ने मामले में मुख्य आरोपी अवतार और यासिर को बना दिया था।
तत्कालीन आईजी श्रीकांत जाधव ने मामला सामने आते ही प्राथमिक कार्रवाई में ही चारों थानेदारों को 31 दिसंबर को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद चारों पर मुकदमा दजर कर गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक को भी सस्पेंड कर दिया था। वहीं साइबर सैल इंचार्ज समेत सीआईए-टू के बाकी थाने को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। यह मामला पुलिस महकमे पर सवाल बन गया था।