वैसरी गांव के डेरे में एक किसान ने अपने ही साझेदार को गर्दन में दाव मारकर मौत के घाट उतार दिया और उसके भाई के साथ मारपीट कर दी। वह बेटों द्वारा दस एकड़ जमीन पर साझेदार लगाए जाने से खफा था और बेटों व पत्नी के असंध शिफ्ट होने के दो दिन बाद ही वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपी हत्या कर फरार हो गया। थाना मतलौडा पुलिस ने खेत मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने हत्यारोपी को जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा किया है।
वारदात बीती देर रात करीब एक बजे की बताई गई है। थाना मतलौडा के अंतर्गत वैसरी गांव में गुरनाम सिंह के डेरे पर बिहार मूल के 18 वर्षीय नूर आलम की हत्या कर दी और गुरनाम ने उसके भाई बदरी आलम के साथ भी मारपीट की। बदरी आलम की सूचना पर थाना मतलौडा पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल की मदद से नमूने जुटाए।
बदरी आलम ने बताया कि वे मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और करीब 18 साल से वैसरी गांव में आकर रह रहे हैं। वे यहां पर किसानों की साझे पर जमीन लेकर गुजर बसर कर रहे हैं। उन्होंने इस सीजन में गुरनाम की दस एकड़ जमीन एक चौथाई के साझे पर ली और उसमें धान लगा दी।
बीती रात को गुरनाम ने उसके भाई नूर आलम उर्फ बबलू की गर्दन में दाव मारकर हत्या कर दी। आरोप है कि नूर आलम के चिल्लाने की आवाज सुनकर उठा तो आरोपी गुरनाम भागने लगा। उसने उसको पकड़ा तो उसके साथ मारपीट कर फरार हो गया। पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए और सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
यह है मामला
बताया गया है कि वैसरी निवासी गुरनाम दो भाई थे। उसके एक भाई की मौत के बाद उसकी पत्नी अपने मायके चली गई। जिसके बाद उसके भाई के हिस्से की पांच एकड़ जमीन भी उसके पास आ गई। वह दस एकड़ जमीन पर खेती करने लग गया। गुरनाम का एक लड़का फौज में चला गया और गुरनाम की पत्नी व उसका दूसरा लड़का डेरे में ही रहने लगे। बताया जा रहा है कि गत दिनों उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद भी हुआ था। उसकी पत्नी व लड़का डेरा छोड़कर असंध शिफ्ट हो गए और गुरनाम डेरे में ही रहने लग गया। बताया जा रहा है कि नूर आलम को जमीन का साझेदार उसके लड़कों ने ही लगाया था। वह इसी बात को लेकर परिजनों व साझेदार से खफा रहता था।
नूर आलम व दूसरे भाई गुरनाम को खिलाए थे चावल
बदरी आलम ने बताया कि उन दोनों भाइयों ने बीती शाम को चावल बनाए थे। गुरनाम सिंह छत पर बिना खाना खाए ही सोने की तैयारी में था। उन्होंने उसको अपने हाथ से बनाए चावल खिलाए थे। गुरनाम सिंह ने छत पर ही सोने की इच्छा जताई थी। वे उसको छत पर छोड़कर नीचे आकर सो गए।
पहले ही थी योजना, तीन किए वार
गुरनाम ने नूर आलम की हत्या करने की योजना पहले ही बना ली थी और उसने एक के बाद एक तीन वार कर नूर आलम को मौत के घाट उतार दिया था। बताया जा रहा है कि गुरनाम ने वीरवार दिन में ही अपनी मोटरसाइकिल की टंकी का तेल फुल करा लिया था। और शाम को आते वक्त एक बोतल शराब की लेकर आया था। उसने नूर आलम पर सोते वक्त दो वार कर दिए। उसके भाई ने आवाज सुनकर गुरनाम को टोका तो वह उसकी गर्दन पर तीसरा वार कर मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया।
पूरा परिवार आसपास के डेरों पर करता है खेती
बदरी आलम ने बताया कि उनका पूरा परिवार वैसरी व आसपास के गांवों के डेरों में साझे पर जमीन लेकर खेती करता है। उसका पिता पास के ही एक बाबा के डेरे में 25 एकड़ की हिस्से पर खेती करता है और तीसरा भाई लोहारी गांव में एक किसान के खेत में हिस्से पर खेती कर रहा है।
वैसरी गांव के डेरे पर एक व्यक्ति की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। परिजनों ने डेरा मालिक गुरनाम पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने गुरनाम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। हत्यारोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नरेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना मतलौडा पानीपत