अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गोतस्करों ने बिंझौज व टीडीआई सिटी के पास गोरक्षा दल के सदस्यों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें एक गोरक्षक गोली और सात को छर्रे लगने से घायल हो गए। गोरक्षक रातभर एसपी के पास फोन करते रहे, लेकिन एसपी ने फोन नहीं उठाया तो आईपीएस भारती अरोड़ा को रात को फोन कर पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और डीएसपी व एसएचओ सिविल अस्पताल में पहुंचे। गोरक्षकों में एक ही हालत गंभीर बनी हुई है और उसको खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोतस्करों द्वारा हर रोज की फायरिंग व पुलिस द्वारा किसी तरह का सहयोग न मिलने पर खफा गोरक्षा दल के पदाधिकारी सातों घायलों को लेकर शनिवार सुबह लघु सचिवालय पहुंच गए। गोरक्षकों ने प्रशासन व पुलिस की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया और ज्ञापन सौंपकर गोरतस्करों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। डीसी व एसपी ने तस्करों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
मिली जानकारी के अनुसार गोरक्षा दल के सदस्य शुक्रवार रात करीब 12 बजे गांव बिंझौल के पास नाका लगाए हुए थे। रात करीब एक बजे उनको सूचना मिली कि शोंधापुर की तरफ से एक बोलेरो गाड़ी आ रही है। सूचना के बाद गोरक्षकों ने सड़क पर कांटा डाल दिया। सड़क पर पड़े कांटे को देखने के बाद गोतस्करों ने पहले ही बोलेरो गाड़ी रोक ली और गोरक्षकों के सामने आने पर फायरिंग शुरू कर दी। गोतस्कर करीब बीस मिनट तक फायरिंग करते रहे। फायरिंग के दौरान गांव बिंझौल निवासी मंजीत के पैर में गोली लगी और कृष्ण, दिनेश, जोगेंद्र, प्रदीप, सतीश व नरेश छर्रे लगने से घायल हो गए। गोरक्षकों ने गोतस्करों पर पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद गोतस्कर बोलेरो गाड़ी को वापस मोड़ते हुए जाटल रोड से होते हुए असंध रोड, कुलदीप नगर से होकर काबड़ी रोड पहुंचे। गोरक्षक उनका पीछा करते हुए। गोरक्षकों ने टीडीआई के पास खड़े अपने साथियों को इसकी सूचना दी। गोरक्षकों ने टीडीआई के पास नाका लगा दिया। टीडीआई नाके पर पहुंचने के बाद गोतस्करों ने दोबारा गोरक्षकों पर करीब आधे घंटे तक फायरिंग की। इस फायरिंग में तहसील कैंप निवासी गौरव पैर में छर्रे लगने से घायल हो गया। बाद में गोतस्कर बोलेरो गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। तस्करों ने पिकअप गाड़ी में एक गोवंश लोड कर रखा था। दोनों स्थानों पर हुई फायरिंग में घायल हुए आठ गोरक्षकों को सिविल अस्पताल ले जाया गया। मंजीत की गंभीर हालत देख चिकित्सकों ने उसको खानपुर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। गोतस्करों द्वारा की गई फायरिंग में आठ गोरक्षकों के घायल होने की सूचना पर डीएसपी देसराज व मॉडल टाउन थाना प्रभारी अमित कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। गोरक्षा दल हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष योगेंद्र आर्य, उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य और अन्य गोरक्षकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसपी ने कई बार में नहीं उठाया फोन
गोरक्षा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार रात को एसपी पानीपत को कई बार फोन किया, लेकिन एसपी पानीपत ने एक बार भी फोन नहीं उठाया। इसी समय घरौंडा के गोरक्षकों ने फोन कर सूचना दी कि करनाल के एक गांव में गोरक्षकों पर फायरिंग कर दी गई है। उन्होंने इस मामले को लेकर घरौंडा एसएचओ को फोन किया, लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। आजाद सिंह आर्य ने इसके बाद आईपीएस भारती अरोड़ा को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। भारती अरोड़ा ने आजाद सिंह आर्य को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद एसएचओ घरौंडा ने फोन कर आजाद सिंह आर्य से बात की। बताया जा रहा है कि पानीपत डीएसपी व मॉडल टाउन एसएचओ भी आगे आने की हिम्मत नहीं जुटा सके थे। वे काफी देर तक सिविल अस्पताल में गोरक्षकों के सामने खड़े रहे।
घायलों को लघु सचिवालय ले जाकर किया प्रदर्शन
आक्रोशित गोरक्षक शनिवार सुबह आठों घायलों को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे और लघु सचिवालय गेट पर घायलों को लेटाते हुए प्रदर्शन किया। गोरक्षा दल के प्रदेशाध्यक्ष योगेंद्र आर्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए गोतस्करों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। गोरक्षा दल के सदस्यों के प्रदर्शन को देखते हुए डीसी डॉ. चंद्रशेखर व एसपी राहुल शर्मा नीचे आए और गोरक्षा दल के सदस्यों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। गोरक्षा दल के प्रदेशाध्यक्ष योगेंद्र आर्य व उपाध्यक्ष आजाद सिंह आर्य ने डीसी को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा। डीसी ने सभी मांगों पर सहमति जताई, लेकिन आर्म्स लाइसेंस के लिए थोड़ा इंतजार करने की बात कही। डीसी ने भविष्य में इस प्रकार की वारदात न हो इसके लिए गठित गो टास्क फोर्स को नियुक्त करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान मास्टर रामपाल आर्य, सदस्य हरिओम तायल, पशु कल्याण बोर्ड से वेणु गोपाल आर्य, गोशाला संघ के मंत्री कुलबीर खर्ब, गोशाला संघ के जिलाध्यक्ष राजरूप पानू, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड से जगदीश मलिक, गोरक्षा दल जिलाध्यक्ष नरेश बैनिवाल, गोरक्षा दल करनाल के जिलाध्यक्ष संदीप राणा मौजूद रहे।
गोरक्षा दल ने ये मांगे रखी
-रात के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों को लिखित में गोतस्करों पर फायर करने आदेश दिया जाएं।
-गोरक्षा दल हरियाणा संगठन द्वारा दिए गए नाम वाले गोरक्षा दल के सदस्यों को तुरंत आर्म्स लाइसेंस जारी किया जाएं।
-बिंझौल व टीडीआई के पास आठ गोरक्षकों को गोली मारने वाले गोतस्करों को दस दिन के अंदर गिरफ्तार किया जाएं।
-बनाई गई गो टास्क फोर्स को केवल गोतस्करी रोकने के काम में लगाया जाएं। उन्हें थाने व चौकियों के अन्य काम न सौंपे जाएं।
-सड़कों पर घूमने वाली बेसहारा गोवंशों को सहारा देने का इंतजाम किया जाएं।
समालखा में गोरक्षा दल के सदस्यों पर फायरिंग
समालखा। गोरक्षा दल के जिला प्रधान नरेश बैनीवाल ने बताया कि शुक्रवार रात को अपनी टीम के साथ जौरासी रोड पर अपने वाहन में गश्त कर रहे थे। रात करीब सवा बारह बजे हनुमान मंदिर के पास जौरासी गांव की तरफ से आई एक इनोवा कार और एक पिकअप ने उनके वाहन को दोनों तरफ से घेर लिया और फायरिंग शुरू कर दी। उन्होंने किसी प्रकार अपनी गाड़ी को वहां से निकाल अपनी जान बचाई और पुलिस को सूचित किया। वारदात को अंजाम देर गोतस्कर फरार हो गए। बैनीवाल ने बताया कि उनकी गाड़ी में करीब दस गोरक्षक सवार थे, जो बाल-बाल बच गए। समालखा चौकी प्रभारी अतर सिंह का कहना है कित रात को हुई वारदात की सूचना मिली थी, लेकिन अभी तक किसी की तरफ से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
गोतस्करी रोकने के लिए गो टास्क फोर्स का पहले ही गठन किया जा चुका है। इसके लिए अलग से अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। रात को घटित वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस प्रकार की वारदात ना हो। ऐसी व्यवस्था की जाएगी। लेकिन जाट आरक्षण आंदोलन के चलने तक किसी का भी आम्र्स लाइसेंस नहीं बनाया जा सकेगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।
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वर्जन-2
गोरक्षकों पर फायरिंग करने वालों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। रात के समय विभिन्न मार्गों व नाकों पर तैनात पीसीआर व राइडर का सुपरविजन स्वयं करुंगा। सौ नंबर पर फोन करने के बाद भी अगर पुलिस समय पर नहीं ापहुंची है तो उसकी जांच करवाएंगे। गो तस्करी रोकने के लिए गो टास्क टीम को दोबारा एक्टिवेट कर दिया गया है। गोतस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस प्रकार की वारदात के दौरान पुलिस कर्मचारियों को फायर करने के पहले ही आदेश दिए हुए हैं।
राहुल शर्मा, एसपी, पानीपत।