दस दिन पहले एकता विहार कॉलोनी से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता सेंटर संचालक बोरे में बंद उझा रोड पर खाली प्लॉट में मिला। प्लॉट में संदिग्ध बोरा पड़ा देख राहगीरों ने इसकी सूचना थाना चांदनी बाग पुलिस को दी। पुलिस ने बोरे से सेंटर संचालक को निकालकर सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। सेंटर संचालक ने अपने ससुर, सास और उसके मामा पर अपहरण करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सेंटर संचालक के बयानों पर तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सुबह उझा रोड पर रविवार रविंद्र निवासी गांव शोंधापुर गंभीर हालत में बंद बोरे में पड़ा मिला। रविंद्र 25 अक्तूबर से अपनी ससुराल एकता विहार कॉलोनी से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। सिविल अस्पताल में दाखिल रविंद्र ने बताया कि उसका शोंधापुर चौक पर कंप्यूटर सेंटर है। उसे दिवाली पर्व पर नई कार खरीदनी थी। उसने इस बारे में अपनी पत्नी मुकेश को बताया था। पत्नी मुकेश ने बताया कि उसके मामा राजेंद्र की एकता विहार कॉलोनी में कार की एजेंसी है। वह एक बार वहां जाकर मामा राजेंद्र से कार के बारे में सलाह कर लें। वह 25 अक्तूबर को एकता विहार कॉलोनी में गया था। कुछ देर एकता विहार कॉलोनी में अपनी ससुराल में रुकने के बाद वह पड़ोसी के घर शौच करने के लिए चला गया। वहां तीन लोगों ने उसे बंधक बना लिया। आरोपियों ने उसे एक बोतल से पानी पिलाया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। जब उसे होश आया तो वह एक कार में था। कार में तीन लोग आपस में बात कर रहे थे। उसे पता चला कि तीनों उसे कार में हरिद्वार ले जा रहे हैं। उसने तीनों से छोड़ देने की विनती की। रविंद्र का आरोप है कि तीनों व्यक्तियों ने कार को रोककर पिस्तौल से दो फायर किए और उसे जान से मारने की धमकी दी। तीनों उसे हरिद्वार ले गए। वहां उसे दो दिन तक एक होटल में रखा। दो दिन बाद उसके पास एक महिला और एक पुरुष आया। दोनों उसे दूसरे होटल में ले गए। दोनों ने उसकी जेब से लाइसेंस निकालकर उसकी आईडी पर होटल में कमरा लिया और उसे कमरे में छोड़कर चले गए। इस दौरान आरोपियों ने उससे फोन भी छीन लिया। अगले दिन होटल में उसके पास दो व्यक्ति आए और उसे ऑटो में बैठाकर ज्वालापुर ले गए। दोनों व्यक्तियों ने उसे बोतल से पानी पिलाकर बेहोश कर दिया। अब उसे होश आया तो वह सिविल अस्पताल में मिला। इसके बीच उसके साथ क्या हुआ, उसे याद नहीं है। थाना चांदनी बाग पुलिस ने रविंद्र को सिविल अस्पताल में भर्ती कराकर उसके परिजनों को इस बारे में सूचना दी। परिजनों ने रविंद्र के ससुराल पक्ष के लोगों पर उसका अपहरण करने का आरोप लगाया। डीएसपी हैडक्वार्टर जगदीप दूहन ने भी सिविल अस्पताल में पहुंचकर पुलिस से पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने रविंद्र के बयान दर्ज कर मामा राजेंद्र, ससुर धर्मपाल व सास राजबाला के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
26 अक्तूबर को मॉडल टाउन थाना में दर्ज कराया था केस
25 अक्तूबर को एकता विहार कॉलोनी से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद रविंद्र के परिजनों ने इसकी शिकायत मॉडल टाउन थाना पुलिस में दी थी। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली थी।
बेटे की फोटो दिखाकर बोले मार देंगे बेटे को
रविंद्र ने बताया कि अपहरणकर्ता उसे पिस्तौल दिखाकर बार-बार जान से मारने की धमकी देते थे। जब वह छोड़ देने की जिद करता तो उसी के मोबाइल फोन में उसके बेटे केसरी की फोटो दिखाकर बेटे को गोली मार देने की धमकी देते थे।
उझा रोड पर एक बोरे में एक व्यक्ति मिला है। वह दस दिनों से घर से लापता था। व्यक्ति का आरोप है कि उसकी ससुराल पक्ष के लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था। पुलिस ने व्यक्ति को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाकर ससुर, मामा व उसकी सास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जगदीप दूहन, डीएसपी हेडक्वार्टर पानीपत।