बीडीएस छात्र संजीव की मौत की सीबीआई जांच के लिए सीएम से मिले परिजन, सीएम ने दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
अंसल सुशांत सिटी निवासी छात्र की फरवरी माह में सिरसा में हुई मौत मामले को लेकर मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मिलकर शिकायत देते हुए सीबीआई द्वारा जांच कराए जाने की मांग की है। सीएम ने शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़ित का आरोप है कि उसके बेटे की की हत्या की गई है, जिसे मौत का रूप दे दिया गया है और सिरसा पुलिस इस मामले को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं कर रही है।
इस संबंध में मृतक के पिता अंसल सुशांत सिटी निवासी डा. राजेश कुमार पुत्र राम प्रकाश ने शनिवार को सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा संजीव (25) जेसीडी विद्यापीठ, सिरसा से बीडीएस का कोर्स कर रहा था और तृतीय वर्ष का छात्र था। संजीव अपनी पढ़ाई के लिए अनिल कक्कड़ निवासी 31-सी ईरा ग्रुप के मकान में किराए पर रह रहा था। उसके साथ कुलदीप पुत्र राजेंद्र निवासी जाडौदा खेड़ा, जिला हिसार, रजत पुत्र दलीप सिंह निवासी शेरगढ़ जिला सिरसा व अमित पुत्र सुरेंद्र निवासी आदमपुर, जिला हिसार भी उसी मकान में साथ-साथ रहते थे। 21 फरवरी को सुबह 6:45 बजे रजत ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि संजीव का रात में एक्सीडेंट हो गया है और उसे आईसीयू में रखा हुआ है। जब वो लोग सिरसा जाने के लिए रास्ते में ही थे तो सुबह करीब 9 बजे सिरसा पुलिस का फोन आया कि उनके बेटे संजीव की मौत हो गई है। अस्पताल पहुंचने पर देखा कि संजीव का शव मोर्चरी में रखा हुआ था। उसकी बॉडी देखने के बाद पता चला कि उसका मर्डर हुआ है, उसके बेटे के मुंह से झाग निकल रही थी। इससे पहले 19 फरवरी को बेटे ने फोन कर बताया था कि उसके साथ रहने वाले लड़के रजत व कुलदीप आदि उसे परेशान करते हैं। डरा धमका कर उससे पैसे मंगवाते हैं और खर्च करवाते हैं व जान से मारने की धमकी देते हैं।
डॉ. राजेश ने सिरसा पुलिस को उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव उन्हें सौंप दिया और मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित पक्ष लगातार प्रयास करता रहा, उसके बाद पुलिस ने दिनांक 20 मार्च को एफआईआर दर्ज की। शुरूआती दौर में ही पता चल गया था कि उपरोक्त तीनों लोगों ने संजीव को जहर देकर या जबरदस्ती खिलाकर उसकी हत्या की है, बावजूद इसके पुलिस इस बारे में आगामी जांच करने में टाल-मटोल कर रही है। पीड़ित पक्ष चौकी इंचार्ज, थाना प्रबंधक, डीएसपी, एएसपी तथा कई उच्च पुलिस अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। डॉ. राजेश ने बताया कि उसे व उसके परिवार को सिरसा पुलिस पर विश्वास नहीं है, क्योंकि लोकल पुलिस ने आरोपियों के दबाव में आकर पुख्ता सबूत भी मिटा दिए हैं और इसलिए उन्हें लगता है कि पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेंगी। उन्होंने सीएम से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।