कंडक्टर का पेपर लीक मामले में पुलिस को एक और कड़ी मिली
-बरौदा निवासी एक अन्य व्यक्ति को पेपर आउट कर भेजना था
-पुलिस ने आईबी कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र से पकड़ा था आरोपी रमेश
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की कंडक्टर का पेपर लीक मामले में पुलिस को कुछ सफलता हाथ लगी है। पुलिस के अनुसार रमेश अपने साले अमरजीत की मदद के लिए पेपर लीक करना चाहता था। उसका बरोदा निवासी विजय के साथ संपर्क था। पुलिस ने अमरजीत व विजय की धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने मामले का जल्द ही खुलासा करने का दावा किया है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा रविवार को कंडक्टर की परीक्षा आयोजित की गई थी। बताया जा रहा है कि आईबी पीजी कॉलेज व आर्य सीसे स्कूल में प्रश्न पत्र लीक करने की नीयत से दो युवक घुस गए। आईबी पीजी कॉलेज के केंद्र अधीक्षक डॉ. सुनीत कुमार ने थाना शहर पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने केंद्र अधीक्षक की शिकायत के आधार पर केंद्र से रमेश निवासी नरवाना जींद को फर्जी आईडी के साथ गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी आईडी बनाकर उसको प्रयोग करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। वहीं कंडक्टर की शाम की शिफ्ट में आर्य सीसे स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र में एक व्यक्ति ने घुसने का प्रयास किया। उक्त व्यक्ति ने भी खुद को जैंबर कंपनी का ऑपरेटर बताया। सूत्रों के अनुसार वह केंद्र में दाखिल भी हो गया था। केंद्र अधीक्षक एवं स्कूल प्रिंसिपल पवन आर्य ने उसको शक होने पर पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने अपना नाम विकास निवासी जसराणा सोनीपत बताया। पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके भाई परमजीत का कंडक्टर का पेपर था। वह उसकी मदद के लिए केंद्र में दाखिल हुआ था। पुलिस ने आरोपी विकास के पास से भी फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया। थाना शहर पुलिस ने केंद्र अधीक्षक पवन आर्य की शिकायत पर सगे भाइयों विकास व परमजीत पर धोखाधड़ी, फर्जी आईडी तैयार करने और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस तीनों आरोपियों से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है। पुलिस जल्द ही आरोपियों से जल्द ही बाकी खुलासा भी कर दिया जाएगा।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर, पानीपत।