लोन दिलाने का झांसा देकर सब्जी व्रिकेता व उसके दामाद के नाम पर बनाई थी बोगस फर्म, एसजीएसटी की ओर से नोटिस मिलने के बाद परिवार वालों को हुई जानकारी
पानीपत। एस जी एस टी की ओर से 21 बोगस फर्म में दो के मालिकों ने बुधवार को विभागीय अधिकारियों से संपर्क साधा है। जहां पर उन्होंने दोनों का शपथ पत्र लेने के बाद पुलिस से संपर्क साधने को कहा है। ससुर व दामाद के जाल में फंसने के पीछे प्रधानमंत्री योजना के तहत लोन लेने का लालच बताया गया है।
श्री साई ओवरसीज का प्रोपराइटर सुभाष सेठी अर्जुन नगर कालोनी करनाल में रहता है। जहां पर वह सब्जी की फड़ी लगाता है। उसका दामाद बलविंदर भी फल की दुकान लगाता है। सुभाष सेठी ने बताया कि जुलाई माह में वह कालोनी में रहने वाले बंटी व उसकी पत्नी मधु के संपर्क में आया था। जिन्होने कहा था कि उसे प्रधानमंत्री योजना के तहत लोन दिला देंगे। इस लोन में उन्हें दो तिहाई की छूट मिलेगी। जिसके बाद दस जुलाई को वह अपने दामाद बलबिंदर के साथ स्कूटी से पानीपत आया था। पानीपत में दोनों की फोटो खिची गई थी। साथ ही 100 से अधिक पेपर पर साइन कराया गया था। इस दौरान उन लोगों ने कुछ सादे पेपर पर भी साइन कराया था। बंटी उन्हें लेकर तीन चार बैंकों में भी गया था।
यहां से वापस जाने के दो दिन बाद बंटी अपने बेटे चिराग के साथ प्लाट की ठगी के मामले में जेल चला गया। उसके जेल जाने के बाद जब परिवार वालों ने अपने पेपर उनकी पत्नी मधु से मांगा तो उसने कहा कि उनके पेपर जेल से आने के बाद ही मिल पायेंगे।
20 दिसंबर को एसजीएसटी कार्यालय पानीपत की ओर से उन्हें नोटिस मिला जिसके बाद से परिवार वालों को रो-रो कर बुरा हाल। सात दिन से वह लोग विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग को दिए शपथ पत्र में पूरी कहानी लिख दी। उपायुक्त एसजीएसटी पानीपत की ओर से उन्हें बताया गया कि वह पुलिस से संपर्क करे। पुलिस जांच के आधार पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- श्री साईं ओवरसीज फर्म टैक्सेवल वैल्यू 22 करोड़।
- श्री बाला जी इंटर प्राइवेज 20 करोड़ से अधिक है।
श्री साई जी ओवर सीज व श्री बाला जी इंटर प्राइजेज के प्रोपराईट उनके पास आये थे। जिनकी ओर से शपथ पत्र लेने के बाद पुलिस से संपर्क करने व पुलिस की जांच में मदद करने को कहा गया है।
आर. आर. नैन , उपायुक्त , एस जी एस टी , पानीपत।