फोटो -30 से 33
दिनदहाड़े केबल संचालक की गोली मारकर हत्या
- चार बदमाशों ने स्कॉर्पियो पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां
- हत्या के मामले में हुई थी उम्रकैद, चार साल पहले हाईकोर्ट से जमानत लेकर पर आया था राकेश
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
तहसील कैंप जट्टूराम चौक पर बुधवार को दिनदहाड़े केबल संचालक एवं प्रॉपर्टी डीलर की चार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने स्कॉर्पियो में अपने चचेरे भाई व एक नौकर के साथ जा रहे केबल संचालक राकेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। जिसमें राकेश को चार गोलियां लगी, स्कॉर्पियो में अगली सीट पर बैठे उसके चचेेरे भाई के दाहिने पैर में गोली लगी है। जबकि पिछली सीट पर बैठा नौकर बाल-बाल बच गया। बदमाश वारदात को अंजाम दे फरार हो गए। घायल को शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। वारदात के बाद बाजार में दहशत का माहौल है।
फायरिंग की सूचना पर डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन, डीएसपी सिटी आत्माराम व थाना शहर प्रभारी सुरेश कुमार मौक पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। पुलिस ने परिजनों के बयान पर हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की पहचान करने के लिए पुलिस घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। केबल संचालक हत्या के मामले उम्रकैद की सजा काट रहा था और चार साल पहले हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर बाहर आया था। पुलिस को आशंका है कि हत्या की वारदात रंजिशन अंजाम दी गई है। थाना शहर पुलिस ने वारदात में हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भगत नगर तहसील कैंप निवासी राकेश (36) केबल संचालक है और प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करता है। साथ ही इसका भूल-भुलैया चौक पर फर्नीचर का शोरूम भी है। राममेहर ने बताया कि उसका भाई राकेश बुधवार सुबह करीब 11 बजे अपने चचेरे भाई गांव धरौलीखेड़ा, उचाना, जींद निवासी जसबीर उर्फ जस्सा व नौकर खटीक बस्ती निवासी सन्नी के साथ स्कॉर्पियो लेकर टीडीआई सिटी जाने के लिए निकला था। वहां उसे मकान निर्माण कार्य शुरू कराना था। राकेश स्कॉर्पियो राकेश चला रहा था। जसबीर अगली सीट पर बैठा था। जबकि सन्नी पीछे बैठा था।
घर से निकलने के पांच मिनट बाद वे लोग जब जट्टूराम चौक पर पहुुंचे तभी पहले से ताक में खड़े चार बदमाशों ने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से स्कॉरपियो का शीशा टूट गया और राकेश गाड़ी से संतुलन खो बैठा। असंतुलित गाड़ी रेहड़ी को चपेट में लेते हुए रुक गई। बताया जा रहा है बदमाशों ने पिस्तौल का बट मारकर खिड़की का शीशा तोड़ा और राकेश पर कई फायर किए। फायरिंग में राकेश को चार और अगली सीट पर बैठे जसबीर के पैर में एक गोली लगी। वारदात को अंजाम दे बदमाश फरार हो गए।
गोली लगने से लहूलुहान राकेश व जसबीर को शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि जसबीर का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही डीएसपी हेडक्वार्टर जगदीप दूहन, डीएसपी सिटी आत्माराम व थाना शहर प्रभारी सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
घायल जसबीर ने बताया कि घर से निकलने के कुछ देर बाद ही चार बदमाशों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से वह घबरा गए और खुद को बचाने का प्रयास किया। इसी के चलते वह बदमाशों के चेहरे नहीं देख पाया। थाना शहर पुलिस ने मृतक राकेश के भाई राममेहर के बयान पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हत्या के मामले में उम्रकैद सजायाफ्ता था राकेश
राकेश वर्ष 2007 में अमन हत्याकांड में उम्रकैद का सजायाफ्ता अपराधी था और हाईकोर्ट से चार साल पहले जमानत पर रिहा होकर आया था। राकेश के खिलाफ गांव दुपेडी, करनाल निवासी महेंद्र पहलवान की हत्या का भी आरोप था। महेंद्र की 2005 में पानीपत के ग्रीन पार्क के पास जिम में गोली मारकर हत्या कर दी थी। महेंद्र हत्याकांड में राकेश बरी हो गया था।
वर्जन
तहसील कैंप जट्टूराम चौक पर बुधवार सुबह स्कॉर्पियो पर चार बदमाशों ने फायरिंग कर दी। वारदात में भगत नगर निवासी केबल संचालक राकेश की मौत हो गई। जबकि उसके चचेरे भाई के पैर में गोली लगी है। पिछली सीट पर बैठा नौकर बच गया। राकेश हत्या के मामले में सजायाफ्ता था और चार साल पहले जमानत पर बाहर आया था। आशंका है कि वारदात को किसी पुरानी रंजिश को लेकर अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने इस मामले में परिजनों की शिकायत के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
-जगदीप दून, डीएसपी हेडक्वार्टर, पानीपत।