पानीपत। रिफाइनरी रोड स्थित पेप्सी पुल से काम करके लौट रहे तीन युवकों पर गालियां चलाने वाले तीन दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई गई। दोषियों को सेशन जज मनीषा बत्रा ने सजा सुनाई। दोषी प्रवीन पुत्र राममेहर, गौरव व निखिल को धारा 307 व 145 में 7-7 साल की सजा, 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने पर दोषियों को 1-1 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं धारा 148, 149 में 2-2 साल सजा, 5-5 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं दोषी गौरव को आर्म्स एक्ट के तहत 2 साल की सजा, 3 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
गाली-गलौज से शुरू हुआ था विवाद : मामला 6 अप्रैल 2016 का है। पुलिस को दिए बयान में करनाल गांव कैमला निवासी 20 वर्षीय रिंकू ने बताया कि वह गांव के 19 वर्षीय अमित के साथ पानीपत-घरौंडा के बीच में स्थित पेप्सी प्लांट में लेबर का काम करता है। बुधवार अलसुबह पांच बजे वह आराम करने के लिए लेट गया था। वहां प्रवीन भी आकर लेट गया। इसी दौरान उसके गांव के युवक रिंकू ने काम में मदद करने के लिए उसे आवाज लगाई। उसकी आवाज सुनकर उसके पास सो रहे प्रवीन ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिस पर रिंकू ने कहा कि वह मेरे गांव का है। उसे गाली मत दे और इसी बात पर दोनों में जमकर कहासुनी हो गई। इस बीच साथियों ने दोनों का बीच-बचाव करवाकर मामला शांत करवा दिया। लेकिन जब ये सभी काम कर के तड़के प्लांट से बाहर घर जाने के लिए निकले, तो वहां गौरव, प्रवीन, निखिल सहित प्रवीन पुत्र राममेहर आ गए। जिन्होंने तीनों मजदूरों पर आधा दर्जन से भी अधिक गोलियां चला दी। जिसमें तीनों घायल हो गए थे। वहीं वारदात के बाद से सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। आरोपियों को पुलिस ने 17 मई 2016 को गिरफ्तार कर लिया था।