रिश्वतखोरी मामले में 2 सस्पेंड व 6 लाइन हाजिर करने के 24 दिन बाद भी नाका पर नहीं की किसी की तैनाती
एसपी बोले: यहां दो साल में कोई बड़ा क्राइम नहीं पकड़ा, अब यहां नाका की जरूरत नहीं
पानीपत/सनौली। रिश्वतखोरी के मामले में 2 सस्पेंड व 6 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए जाने के 24 दिनों बाद भी नाका पर ना ही जिप्सी की तैैनाती की गई है, ना ही वहां राइडर की ड्यूटी लगाई गई है। इस मामले में एसपी का कहना है कि उस नाका पर दो साल से किसी भी बड़े अपराधी को नहीं पकड़ा गया है इसलिए वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती करना सही नहीं है। गौरतलब है कि सनौली यमुना बार्डर पर 1 दिसंबर को राइडर पुलिस की वाहन चालकों से अवैध वसूली की वीडियों वायरल होने पर एसपी ने दो राइडर पुलिस कर्मियों को सस्पेंड और पीसीआर के 6 पुलिसकर्मी को लाइनहाजिर किया था साथ ही वहां जल्द ही दूसरे पुलिसकर्मियों की तैनाती करने के बारे में कहा था।
अपराधिक घटना बढ़ने की संभावना बढ़ी
नाका पर पुलिस जिप्सी पीसीआर व राइडर बाइक भी थाना सनौली में खड़ी धूल फांक रही है। वहीं सनौली थाना से लगते यमुना नदी में पानी का जल स्तर कम हो जाने पर नदी से सटे गांवों में यूपी की ओर से चोरी, लूटपाट व पशु तस्करी, नशा तस्करी जैसी घटनाएं बढ़ने की संभावनाएं बढ़ सकती है। जिससे नदी से सटे दर्जनों गांवों में संवेदनशील यूपी की ओर से वरदात होने का खतरा बना हुआ है। हरियाणा के विभिन्न जिले खासतौर पर पानीपत जिले में अनेकों अपराधिक वारदात ऐसी हुई है जिसमें अपराधी हमेशा वारदात को अंजाम देकर यूपी की ओर भागते है। यहां दो सालों में एक भी बड़े अपराधी नहीं पकड़ा गया, जिस कारण यहां से पुलिसकर्मियों को हटाया गया है।
वर्जन
प्रदेश व जिले में शांति है। कहीं भी कोई अपराधिक व अप्रिय घटना नहीं घट रही है। साथ ही सनौली नाका पर भी किसी तरह की अपराधिक गतिविधी होने की सूचना नहीं मिल रही है, जिस कारण वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की जा रही है।
- सुमित कुमार, एसपी, पानीपत।