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-ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने मानसिक क्षमता बताया कारण

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ब्रह्मकुमारी जिज्ञासु ने खुद खाया था जहर, 36 घंटे बाद अस्पताल में मौत
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- नर्स को जेब में मिला सुसाइड नोट
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/सनौली। नौहरा मोड़ पर संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ के असर से गंभीर ब्रह्मकुमारी जिज्ञासु (विद्यार्थी) आशा की करनाल के एक प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। वह पिछले 36 घंटे से अस्पताल में उपचाराधीन थी। उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। मतलौडा थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। वहीं ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने आशा को ब्रह्मकुमारी बहन की बजाय जिज्ञासु (विद्यार्थी) बताया है और उसकी मौत के कारण में मानसिक समस्या होने की सफाई दी है।
दो दिन पहले नौहरा मोड़ पर ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के थिराना स्थित आश्रम की बहन आशा संदिग्ध परिस्थितियों में बेसुध मिली थी। एक व्यक्ति ने उसको असंध रोड स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां पर डॉक्टरों ने उसकी हालत बिगड़ने का कारण जहरीला पदार्थ माना था। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। परिजनों व ब्रह्मकुमारी जिज्ञासु को करनाल के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। आशा ने वीरवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। नर्स को इलाज के दौरान उसकी जेब में सुसाइड नोट मिला। जिसके बाद मामला गंभीर हो गया। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी मर्जी से जहर खाकर आत्म हत्या कर रही है। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी। इसी कारण कानून के अनुसार कारवाई कर शव को परिजनों को सौंप दिया।
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पुलिस ने छुपाए रखा मामला
स्थानीय पुलिस को घटना के दिन ही मामले की पूरी जानकारी मिल गई थी। परंतु आश्रम के प्रभाव में आकर तीन दिनों तक मामला दबाए रखा। जबकि पुलिस को पहले दिन ही पूरी कार्रवाई करनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने आशा देवी को असंध रोड स्थित एक अस्पताल में दाखिल कराया और डॉक्टरों ने भी सूचित किया। थर्मल चौकी पुलिस इस मामले से इनकार करती रही। बताया जा रहा है कि ब्रह्मकुमारी आशा देवी समालखा के एक गांव की रहने वाली थी।
वर्जन:::
ब्रह्मकुमारी की जिज्ञासु (विद्यार्थी) आशा ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। अस्पताल नर्स को उसकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। परिजनों ने किसी तरह की शिकायत व बयान नहीं दिए है। पुलिस ने फिलहाल 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया है।
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वेदपाल, प्रभारी, थर्मल चौकी, पानीपत।

वर्जन
पिछले दो दिन से गंभीर हालत में चल रही आशा देवी ने करनाल के एक निजी हस्पताल में वीरवार को अपना शरीर छोड़ दिया। यह बहन कुछ वर्षों से ब्रह्माकुमारीज की जिज्ञासु (विद्यार्थी) रही है। यह समर्पित ब्रह्मकुमारी बहन नहीं थी। आशा काफी दिनों से शारीरिक बीमारियों से ग्रसित चल रही थी। शायद बीमारियों से तंग आकर उसने कोई ऐसा पदार्थ खाने का कदम उठाया हों, जिससे उसकी मृत्यु हुई।
सरला बहन, सर्कल इंचार्ज, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पानीपत।
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