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-भंडारी गांव में जमीनी विवाद का मामले ने पकड़ा तूल

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अमर उजाला ब्यूरो
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मतलौडा। भंडारी गांव में जमीन के मामले में पहले मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करना और फिर अदालत से केस को डिस्चार्ज करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायतकर्ता प्रेम भंडारी ने सीएम विंडो, डीजीपी, आईजी करनाल और एसपी पानीपत से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। एसपी पानीपत ने उन्हें जांच करवाने का आश्वासन दिया है। शिकायतकर्ता प्रेम भंडारी ने कहा कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।
प्रेम भंडारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि दो एकड़ जमीन की गिरदावरी 1935 से उनके नाम है। वे उसी दिन से इस जमीन पर काबिज हैं। तत्कालीन जज कंवल कुमार की अदालत ने पांच साल सुनवाई करने के बाद इस जमीन की डिग्री उनके नाम की है। आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने पार्टीबाजी के चलते उनके साथ झगड़ा किया और उनके खेत में पड़े पेड़ों को चोरी कर लिया। पुलिस ने कार्रवाई कर 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के साथ मिलीभगत कर मामले को ही डिस्चार्ज करवा दिया। उन्होंने राजस्व विभाग के रिकॉर्ड और अदालत के फैसले अनुसार मामले की जांच करने और दोषियों को फिर से गिरफ्तार करने की मांग की है।
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दो दिन पूर्व ही एसपी पानीपत ने मतलौडा के तत्कालीन थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया था, जबकि जांच अधिकारी को सस्पेंड किया था। ने पहले मुकदमा दर्ज करने और फिर उसे डिस्चार्ज होने से पुलिस की किरकिरी हुई थी। पूर्व सरपंच सुभाष भोला ने कहा कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्जकर उन्हें फंसाया गया था। इस मुकदमे के डिस्चार्ज होने से उन्हें न्याय मिला है। इस मामले में पुलिस कुछ भी कहने को तैयार नहीं है।
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