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बीडी सुलगाने के लिए जलाई माचिस, सलेंडर पाइप लीक होने से लगी आग, एक ही परिवार के 2 बच्चों व 6 श्रमिक झुलसे

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पानीपत। फरीदपुर में निर्माणाधीन फैक्टरी के हाल में बीड़ी सुलगाने के लिए एक मजदूर ने माचिस सुलगाई। इससे वहां पर रखे सिलेंडर के लीक पाइप ने आग पकड़ ली और धमाका हो गया। धमाके के साथ फैली आग में दो बच्चों समेत आठ लोग झुलस गए। इसके अलावा पीड़ितों का काफी नुकसान भी हुआ है। आग की चपेट में आए 4 मोबाइल, 25 हजार रुपये नकद, कपड़े व बर्तन जल गए। आनन-फानन में सभी झुलसे लोगों को सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी को अस्पताल में ही भर्ती कर लिया। जहां सुविधाओं के अभावों के बीच सभी का इलाज चल रहा है।
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हादसा सोमवार सुबह 8 बजे गांव फरीदपुर स्थित निर्माणाधीन खुराना फैक्टरी में हुआ। फैक्टरी के एक हाल में रह रहे प्रवासी श्रमिक खाना पकाने की तैयारी कर रहे थे। जानकारी देते हुए ममता (20) ने बताया कि वो गैस-चूल्हे के पास बैठकर आटा गूथ रही थी। इसी दौरान वहां हलका नामक श्रमिक आया, जिसने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई। इस दौरान गैस के पाइप ने एक दम आग पकड़ ली और धमाका हो गया। धमाके के साथ फैली आग में हाल में बैठी दो महिलाओं सहित 2 बच्चे व 4 पुरुष झुलस गए। डॉक्टरों के मुताबिक 22 वर्षीय दलीप 21 प्रतिशत, 34 वर्षीय उर्मिला 15 प्रतिशत, उर्मिला का 6 साल के बेटे प्रशांत 35 प्रतिशत, 4 साल का कार्तिक 25 प्रतिशत, 18 वर्षीय पंकज 19 प्रतिशत, 40 वर्षीय हलकाराम 10 प्रतिशत, 25 वर्षीय उदयभान 50 प्रतिशत सहित 20 वर्षीय ममता 15 प्रतिशत तक झुलस गए। सभी का इलाज सामान्य अस्पताल में चल रहा है।
सुविधाओं के अभाव में चल रहा सभी का इलाज : सामान्य अस्पताल में बर्न वार्ड बनाया तो जरूर गया है, लेकिन अभी सिर्फ कागजों में ही सामान्य अस्पताल में इसकी सुविधा दिखाई गई है। जबकि हकीकत ये है कि बर्न वार्ड में सिवाए बेड के और किसी भी तरह की सुविधा फिलहाल नहीं है। बर्न वार्ड में संक्रमण न फैले, इसलिए इसमें कई तरह की दवाइयों का छिड़काव किया जाता है। साथ ही इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। क्योंकि उनसे भी संक्रमण फैलने का बहुत ज्यादा भय होता है, लेकिन सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों ने लापरवाही का उदाहरण पेश कर सभी 8 झुलसे हुए को उपचार के लिए यहीं भर्ती कर लिया। बता दें कि इन मरीजों को यहां सिर्फ बेड की सुविधा के अलावा किसी और तरह की सुविधा नहीं मिल रही है।
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ये बरतें सावधानी:
-गैस सिलेंडर को रात को नीचे से बंद करके सोएं
-गैस चूल्हें को जलाने से पहले लीकेज को चेक कर लें।
-रसोई में आते ही गैस की सुगंध को पहचानें।
-गैस पाइप को समय-समय पर चेक कराते रहें।
-गैस से बच्चों को दूर रखें।
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