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सिख समुदाय ने गुरु ग्रंथ साहिब रखने के नियम बताए, मंदिर प्रबंधन बोला- नियमों पर उतरेंगे खरा

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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। हिंदू सत्संग मंदिर से गुरु ग्रंथ साहिब ले जाने के मामले में दूसरे दिन दोनों पक्षों में सुलह हो गई। सिख समुदाय के लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब के रखने के नियम बताए। मंदिर प्रबंधन ने इन सब नियमों पर खरा उतरने का आश्वासन दिया।
हिंदू सत्संग मंदिर के प्रधान राजेश सूरी, बाजारों के दुकानदार और सिख समुदाय की तरफ से विभिन्न गुरुद्वारों के प्रधान शनिवार को डीएसपी सिटी कार्यालय पहुंचे। वहां पर सिख समुदाय के लोगों ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की अपनी मान्यता है और अकाल तख्त के अनुसार इसको रखने के भी नियम होते हैं। इसका अलग से अपना कमरा होना चाहिए। जूते पहनकर अंदर दाखिल नहीं होना चाहिए और इसके दर्शन करने वाले के सिर पर कपड़ा होना चाहिए। मंदिर में इस तरह के नियम का पालन नहीं होता। हालांकि, गुरुद्वारों के प्रधानों ने इसको चोरी होना नहीं माना। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति भावनाओं में बहकर ऐसा कर गया होगा। मंदिर प्रबंधन समिति के प्रधान राजेश सूरी ने बताया कि मंदिर में सिख समुदाय के सहमति से गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान किए गए थे। मंदिर में किसी तरह की कमी रह गई है तो वे उसको पूरा करेंगे और गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। बता दें कि शुक्रवार सुबह इंसार बाजार स्थित हिंदू सत्संग मंदिर से कुछ लोग चेहरे पर रुमाल बांधकर गुरु ग्रंथ साहिब ले गए थे। सूचना के आधार पर डीएसपी शहर व बस अड्डा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को शनिवार को डीएसपी कार्यालय में बुलाया था।
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मंदिर विवाद में दोनों पक्षों में सुलह हो गया है और उन्होंने अपनी-अपनी गलती स्वीकार कर ली है। पुलिस के पास इस मामले में कोई शिकायत नहीं है। फिर भी कोई शिकायत आएगी तो मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
आत्माराम लांबा, डीएसपी सिटी, पानीपत।
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