मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव जई के जंगल में शुक्रवार देर रात तस्कर गोवंश को काटने ले जा रहे थे। इस दौरान पुलिस की गाड़ियां आतीं देख आरोपी गोवंश को छोड़कर फरार हो गए। भावनपुर,परीक्षितगढ और गंगानगर थाना पुलिस ने जंगल में संयुक्त कांबिंग की। गांव जई में दबिश दी गई। लेकिन कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा।
बृहस्पतिवार रात हुआ था कटान
गांव जई के जंगल में बृहस्पतिवार रात पशु तस्करों ने जई गांव के जंगल में चोरी कर लाए गए भैंसें का कटान किया था। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी भैंसें के साथ ही एक सांड़ भी चोरी करके लाए थे, जिसका एक ही सींग था। मौके से भैंसें के अवशेष के साथ ही सांड़ का वह सींग भी पड़ा मिला था। आरोपी ग्रामीणों पर फायरिंग कर मांस लेकर फरार हो गए थे। सूचना के बावजूद देरी से पहुंची भावनपुर पुलिस किसी भी आरोपी को पकड़ नहीं पाई थी।
अब गोवंश काटने की थी तैयारी
शुक्रवार रात गोतस्करों की सूचना पर भावनपुर, परीक्षितगढ और गंगानगर पुलिस जई गांव में पहुंची तो आरोपी मौके पर एक गोवंश छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने यह गोवंश गांव के ही राशिद उर्फ भत्तन पुत्र इश्तियाक उर्फ छोटे की सपुर्दगी दिया है।
जानबूझकर अनजान पुलिस
तीन थानों की पुलिस ने गांव और जंगल में आरोपियों की तलाश की। लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस सब जानती है कि क्षेत्र में कौन लोग गोवंश और अन्य पशुओं का कटान कर रहे हैं। कुछ आरोपी शुक्रवार रात भर गांव में ही एक मकान की छत पर छिपे रहे। लेकिन उसके बाद भी पुलिस दबिश और कांबिंग का दिखावा कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जई गांव का जंगल पशु कटान का अड्डा बन चुका है। भैंसा हो या गोवंश, चोरी करते ही काट दिया जाता है। लेकिन पुलिस ने बृहस्पतिवार रात हुए पशु कटान की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
- भावनपुर के गांव जई के जंगल में नहीं रुक रहा पशु कटान
- दबिश, कांबिंग में नहीं चढ़ा कोई तस्कर हत्थे, गोवंश सुपुर्दगी में दिया