फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

-नूरवाला क्षेत्र की तीन साल की बच्ची के साथ किया था दुराचार

विज्ञापन
विज्ञापन
दुराचार पीड़िता बच्ची की तबीयत बिगड़ी, तीन दिन से हो रहा था दर्द, जानकारी पर भी टाल रहे थे अधिकारी
विज्ञापन

नूरवाला क्षेत्र में तीन साल की बच्ची से नवंबर माह में किया गया था सामूहिक दुष्कर्म
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नूरवाला क्षेत्र में सामूहिक दुराचार पीड़िता तीन साल की बच्ची की इलाज के दौरान साढ़े तीन माह बाद रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसके शौच के रास्ते में अब फिर दर्द होने लगा है। बच्ची को अब पीजीआई खानपुर दाखिल कराया गया है। इन सबके बीच बच्ची के इलाज में सरकारी तौर पर लापरवाही फिर से उजागर हुई। परिजनों का आरोप है कि वे पिछले तीन दिन से प्रशासन को इलाज के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी गणतंत्र दिवस समारोह की बात कहकर टालते रहे। बच्ची की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। पिता ने चेतावनी दी है कि अबकी बार चूक हुई कर वे बेटी और पत्नी समेत आत्मदाह कर लेंगे।
दुराचार पीड़िता बच्ची की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। डीएसपी विद्यावती और ‘नारी तू नारायणी’ संस्था की अध्यक्ष सविता आर्य बच्ची को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचीं। डॉक्टरों ने विचार-विमर्श करने के बाद उसकी हालत चिंताजनक बताई और उसको किसी बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी। डीएसपी व सविता आर्य बच्ची को लेकर जीटी रोड सिवाह स्थित एक अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसकी स्थिति चिंताजनक बताई। यहां पर डॉक्टरों की सलाह से बच्ची को पीजीआई खानपुर ले जाया गया। वहां पर बच्ची को दाखिल करा दिया। परिजनों ने बताया कि उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों ने सोमवार को सर्जन से बारीकी से जांच करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन


यह है मामला
पांच नवंबर को नूरवाला रोड स्थित एक कॉलोनी में फैक्ट्री में रहने वाली तीन साल की बच्ची के साथ फैक्ट्री के चौकीदार ने अपने साथी के साथ सामूहिक दुराचार कर दिया था। मामले के अनुसार, महिला अपनी बच्ची को कमरे पर छोड़कर कपड़े धोने चली गई थी। आरोपी चौकीदार अनिल निवासी मूंगापुरा, यूपी बच्ची को उठा ले गया था और उसने फैक्ट्री के गोदाम में उसके साथी धर्मेंद्र के साथ मिलकर बच्ची के साथ दुराचार कर दिया था। किला थाना पुलिस ने इसमें मामला दर्ज कर अनिल व धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था।

बच्ची का कराया था पीजीआई खानपुर में इलाज
बच्ची के निजी अंग में दर्द था। उसका सरकारी खर्च पर पीजीआई खानपुर में उपचार करवाया गया था। डॉक्टर ने बच्ची के प्रभावित अंग का ऑपरेशन किया था और मल मूत्र त्याग के लिए शरीर के अन्य भाग में रास्ता बनाया था। परिजन उपचार के बाद बच्ची को लेकर घर आ गए थे। शनिवार की रात को बच्ची के शरीर से रक्त निकलने लगा। कुछ देर बाद मांस के टुकड़े निकलने लगे थे। परिजनों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी थी।

डॉक्टरों ने यह सलाह देकर किया रेफर
पार्क अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ तेजेंद्र खरबंदा ने बताया कि बच्ची के पहले ऑपरेशन के बाद मल-मूत्र त्याग के लिए पीजीआई में डॉक्टर ने शरीर में अलग रास्ता बनाया था। अब फिर बच्ची का ऑपरेशन कर मूल-मूत्र त्याग के लिए बनाया गया रास्ता बंद कर प्राकृतिक स्थिति में लाना होगा। इसको लेकर संबंधित डॉक्टर ही बेहतर इलाज कर सकता है। इसके बाद बच्ची को पीजीआई खानपुर ले जाया गया।

एसपी ने परिजनों से बात की
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने मामला सामने आते ही पीड़ित परिवार से बात की। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की तरफ से हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया। एसपी ने एक अधिकारी व एक कर्मचारी को भी बच्ची के साथ पीजीआई खानपुर भेजा।

पिता बोला अबकी बार चूक हुई कर लेंगे आत्मदाह
पीड़ित बच्ची के पिता ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में लगातार लापरवाही बरत रहा है। वे बच्ची को 15 दिन पहले अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए थे। एक अधिकारी ने उनके इस तरह से जाने पर नाराजगी जताई थी। डॉक्टरों ने बच्ची का समय-समय पर चेकअप कराने की भी सलाह दी थी। पिता का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उसकी बच्ची को तीन दिन से दर्द हो रहा था। उन्होंने इसकी सूचना चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को दी। अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस समारोह में व्यस्त होने की कहकर उनको टाल दिया। उन्होंने अगले दिन फोन किया तो अधिकारी के छुट्टी पर होने की कही। पिता ने कहा कि उसकी बच्ची को अब भी आराम नहीं हुआ तो वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ तेल छिड़ककर आत्मदाह कर लेंगे।
विज्ञापन

---------
पुलिस को रविवार की सुबह तीन साल की दुराचार पीड़िता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। वे तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। डॉक्टरों ने यहां से बच्ची को रेफर कर दिया। वे उसको लेकर जीटी रोड सिवाह स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंची। यहां से भी डॉक्टरों ने बच्ची को रेफर कर दिया। बच्ची को अब पीजीआई खानपुर में दाखिल कराया गया है।
- विद्यावती, डीएसपी पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें