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बस अड्डे की 45 साल पुरानी दीवार गिरी, चार घायल, एक की हालत गंभीर

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बस अड्डे की 45 साल पुरानी दीवार गिरी, चार घायल, एक गंभीर
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एक घायल को करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर किया
फोटो संख्या 1 से 9
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
बस स्टैंड के कार्यशाला की बाहरी 40 फीट चहारदीवारी सुबह करीबन 6:30 बजे के आसपास 5 मिनट में गिर गई। दीवार नीचे गिरने से एक चाय की दुकान और वहां पर खड़ा रिक्शा टूट गया। गनीमत ये रही दीवार सुबह के समय गिरी। सुबह के समय लोगों की संख्या कम थी, बड़ा हादसा होने से बच गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर जीएम रामकुमार, लिपिक भवन विजय कुमार और बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
दीवार के नीचे दबने से चार लोग घायल हो गए। जिसमें चालक सतपाल निवासी गांव ईशाख पहेवा, परिचालक मुल्तान सिंह गांव रामगढ़ पेहवा, चाय वाला मुक्तयारा निवासी वधावा राम कॉलोनी और देशराज कर्मचारी एलआईसी घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल ले जाया गया। जहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद मुक्तयारा, मुल्तान सिंह और देशराज को छुट्टी दे दी। गंभीर रूप से घायल सतपाल को करनाल स्थित कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया।
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सुबह के समय कुरुक्षेत्र से चली थी बस
सुबह के समय कुरुक्षेत्र रोडवेज डिपो से बस गुरुग्राम की ओर रवाना हुई थी। पानीपत पहुंचने पर सुबह के समय चालक और परिचालक चाय पीने के लिए चाय की दुकान पर पहुंचे। इसी दौरान बस स्टैंड कार्यशाला की बाहरी चहारदीवारी गिर गई। जिसकी चपेट में आने से चालक सतपाल, परिचालक मुल्तान सिंह, चाय वाला मुक्तयारा और एलआईसी कर्मचारी देशराज घायल हो गए।
1971 में बना था बस स्टैंड
पानीपत जिले में मिनी बस स्टैंड 8 अगस्त 1972 को बना था। उस समय मुख्य बस स्टैंड करनाल जिले में होता था और मिनी बस स्टैंड पानीपत जिले में होता था। उसी समय ही बस स्टैंड के चारो ओर की चहारदीवारी की गई थी। पानीपत बस स्टैंड को बने हुए 45 साल से ज्यादा का समय हो चुका है।
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जीएम रामकुमार ने बताया कि सुबह 6:30 बजे सूचना मिली थी कि कार्यशाला की बाहरी चहारदीवारी गिर गई है। सूूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंच गए थे और उसके बाद घायलों को सामान्य अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। रोडवेज डिपो सुपरवाइजर सुमेर सिंह का कहना है कि उन्होंने 14 मई को जीएम को पत्र लिखा था कि कार्यशाला की बाहरी चहारदीवारी झुक चुकी है। दीवार किसी भी समय गिर सकती है। जिसकी वजह से हादसा हो सकता है। भवक लिपिक विजय कुमार ने बताया कि बस स्टैंड का निर्माण 1972 में हुआ था और दीवार काफी पुुराने समय की बनी हुई है। दीवार गिरने की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंच गये थे। बस स्टैंड चौकी पुलिस हेड कांस्टेबल राजेंद्र दीवार गिरने की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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