डाबर कॉलोनी में दो महिलाओं समेत आठ लोगों से परेशान होकर एक मजदूर ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। मजदूर ने इनसे कर्ज लिया था। इसलिए ये लोग उसे लगातार परेशान कर रहे थे । पुलिस को मजदूर की जेब से सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने दो महिलाओं समेत आठ लोगों पर केस दर्ज कर सुसाइड नोट को जांच के लिए मधुबन लैब में भेज दिया है।
डाबर कालोनी निवासी मजदूर संजय कुमार की पत्नी कुसुम ने बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। सोमवार सुबह ही पति काम पर चला गया था। रात आठ बजे पति ने भतीजे विवेक के पास फोन किया था, जिस पर विवेक ने उसकी बात भी फोन पर कराई। इस दौरान संजय ने कुसुम से खाना बनाने के लिए कहा। रात 9 बजकर 40 मिनट पर दोबारा संजय का फोन आया, तब कहा कि उसने जहर खा लिया और वो खेत में पड़ा है। उसे आकर ले जाओ। वह तुरंत खेत में पहुंची। वहां पर उसका पति संजय बेसुध हालत में पड़ा था। उसके पास एक शराब का खाली पव्वा और सल्फास की डिब्बी पड़ी थी। वो तुरंत उसे सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया, लेकिन वो समय के अभाव में उसे असंध रोड स्थित निजी अस्पताल में ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया और उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वो उसे सिविल अस्पताल में लेकर आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पति की जेब में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उसने अपनी मौत के लिए एसएलजी स्कूल की उषा मैडम, अतर सिंह सैनी, प्रदीप पहलवान, जसबीर, भूरे की पत्नी, रामपाल सेठ, सुनील व कृष्ण को जिम्मेदार ठहराया। आठों उसके पति को पैसे के लिए परेशान कर रहे थे। इन लोगों से दुखी होकर उसके पति ने आत्महत्या की है। कर्ज कितना लिया था। इसका सुसाइड नोट में जिक्र नहीं है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
वर्जन
शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। किसे कितने पैसे लिए गए थे। इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
अतर सिंह, सब इंस्पेक्टर, किला पुलिस थाना