शराब ठेकेदार अजीत उर्फ जीता निवासी खलीला पर नवंबर में एक और दिसंबर में दो बार हमला हो चुका है। 18 नवंबर को अजीत ने पुलिस के पास जाकर सींक गांव निवासी विकास और भोला पर उसकी रेकी करने का केस दर्ज कराया था। पुलिस अब तक उन आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सिवाह गांव के गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू ने अजित ठेकेदार से प्रति माह 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। अजीत के भाई सुरेंद्र का कहना है कि लंबू की ओर से उन्हें मैसेज मिला था कि 2020 की 24 लाख रुपये रंगदारी बनती है। वह 20 लाख रुपये दे दे। उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया था। तब से अजीत की जान को लगातार खतरा बना हुआ था। ठेकेदार पर पहले भी दो बार हमला हो चुका था।
पुलिस की ओर से अजीत व उसके भाई सुरेंद्र को 20 दिसंबर 2019 को सुरक्षा के लिए पुलिस का जवान मिला था। इसी सप्ताह हमले से पहले अजीत और सुरेंद्र डीएसपी सतीश वत्स से मिले थे। इन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग थी। उन्होंने राका, विकास और भोला पर इनाम घोषित करने की भी मांग की थी, लेकिन उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया। शनिवार रात को उन पर हमला कर दिया गया।
आज एसपी से मिलेंगे गांव खलीला निवासी
अजीत और उसके छोटे भाई सुरेंद्र पर लगातार जानलेवा हमले हो रहे हैं। सुरेंद्र ने हमला कराने का आरोप गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू और बुआना लाखू के राकेश उर्फ राका पर लगाया है। अजीत और सुरेंद्र की सुरक्षा बढ़ाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर खलीला गांव के ग्रामीण आज एसपी शंशाक कुमार सावन से मिलेंगे।
शनिवार से पहले नवंबर और दिसंबर में हुआ था अजीत पर हमला
4 नवंबर 2018: इसराना स्थित दफ्तर में हमला हुआ। इसमें अजीत बाल बाल बच गया।
14 दिसंबर 2019: खेत में जाते वक्त अजीत ठेकेदार को गोली मारी। इसके आरोपी बुआना लाखू का राकेश उर्फ राका और किवाना गांव का विकास गिरफ्तार नहीं हुआ। सिवाह का आंचल नाम का युवक गिरफ्तार हो गया था।
- सीआईए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी-
सीआईए ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अपने मुखबिर सक्रीय कर दिए हैं। सीआईए की तीनों टीमें शहर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है। गोयला खेड़ा के लोगों से ये पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने मनीष को किसके किसके साथ देखा था। अब तक पुलिस को इस मामले में कोई सबूत हाथ नहीं लगा है।
अजीत का गनमैन बोला- अगर मैं गोली चलाता तो किसी को लगने का खतरा था
अजीत नूरवाला स्थित शराब ठेके पर था। वो शौचालय गया था। इसी वक्त उन पर हमला हो गया। सेल्समैन बाबू राम ठेके को बंद करके अंदर छुप गया। अजीत के गनमैन सिपाही दिलबाग के पास इनसांस राइफल थी, लेकिन बदमाश पब्लिक की ओर खड़े थे। दिलबाग का कहना है कि वो छोड़कर नहीं भागा था। अगर वो गोली चलाता तो पब्लिक में किसी को लग सकती थी। इसलिए उसने गोली नहीं चलाई।