खंडरा गांव के खेतों से गुजर नहीं ड्रेन की खुदाई में साढ़े 17 लाख रुपये का गोलमाल सामने आया है जबकि पिछले 5 साल में एक बार भी ड्रेन की खुदाई नहीं की गई। यह खुलासा आरटीआई में हुआ है। अब इसकी जांच के लिए शिकायत सीएम फ्लाइंग को भेजी है।
आरटीआई कार्यकर्ता एवं खंडरा गांव निवासी रमेश कुमार ने बताया कि ट्रिब्यूटरी नंबर-1 ड्रेन बालजाटान से होते हुए खंडरा के खेतों से गुजरते हुए आगे दूसरे गावों में जाती है। इसमें खेतों का बरसाती पानी जमा होता है, लेकिन किसान इस ड्रेन को पाट कर पिछले 20 साल से खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने अप्रैल में सिंचाई विभाग को आरटीआई लगाकर पूछा कि इस ड्रेन पर किन-किन किसानों ने कब्जा किया हुआ है। इसकी निशानदेही लेकर खुदाई क्यों नहीं की जा रही है। इसके तुरंत बाद मई में आनन-फानन में अधिकारियों ने दो जेसीबी मशीन भेज कर ड्रेन खुदाई का काम शुरू कर दिया गया। मामले में शक पैदा होने पर इस ड्रेन की खुदाई पर पिछले 5 साल में कितना खर्च किया गया का ब्योरा मांगा गया। आरटीआई की सूचना मिलने के मुताबिक हर 6 महीने में एक बार इस ड्रेन की खुदाई करवाई जाती रही, जबकि मौके पर ड्रेन है ही नहीं। आरटीआई में बताया गया कि इस ड्रेन में पूरे साल पानी चलता रहता है जबकि इस ड्रेन को पाट कर किसान पिछले 20 साल से खेती करते आ रहे है। शिकायतकर्ता रमेश कुमार ने बताया कि इस ड्रेन के नजदीक ही उनके अपने खेत है। इस ड्रेन की सुध लेने कोई भी अधिकारी गांव व खेतों में नहीं आया। इस गोलमाल की जांच करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए उन्होंने सीएम फ्लाइंग चंडीगढ़ मुख्यालय को शिकायत भेजी है।
आरटीआई के जवाब के मुताबिक हुआ खर्च
वर्ष 2014 में 2.93565 लाख रुपये, वर्ष 2015 में 5.41990 लाख रुपये, वर्ष 2016 में 2.77252 लाख रुपये,वर्ष 2017 में 2.36903 लाख रुपये और वर्ष 2018 में 3.94679 लाख रुपये ड्रेन खुदाई पर खर्च होना दिखा कर कुल 17 लाख 60 हजार रुपये गबन किया गया।
- वर्जन
कुछ ही महीने पहले तबादला होकर आए है, इस बारे उन्हें ंकोई जानकारी नहीं है। इस बारे पहले वाले अफसर ही जानते है। आरटीआई में दी गई सूचना उन्होंने विभाग के रिकार्ड के मुताबिक ही दी है।
अजय कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग