बाबरपुर मंडी के आढ़ती के पोते का अपहरण कर फिरौती मांगने का प्लान फेल हो जाने पर तीन पत्र भेजकर दो करोड़ की रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को सीआईए-1 की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों को बाबरपुर के पास से रविवार की देर रात पकड़ा गया। दोनों को सोमवार को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, उनसे पूछताछ जारी है।
डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि एक अक्तूबर को बाबरपुर मंडी के आढ़ती श्रीचंद ने दो करोड़ की रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीआईए-1 प्रभारी राजपाल और उनकी टीम ने रविवार देर रात बाबरपुर के पास से आढ़ती श्रीचंद के 15 साल पुराने नौकर के पोते आकाश पुत्र सूरजभान निवासी कचरौली और उसके दोस्त विकास पुत्र सोमपाल निवासी पबाना घरौंडा को पकड़ा। दोनों ने बताया कि आढ़ती श्रीचंद को पहली चिट्ठी 14, दूसरी 23 सितंबर और तीसरी एक अक्तूबर को भेजी थी। पहली चिट्ठी में दो करोड़ की रंगदारी मांगी गई और बाकी दो चिट्ठी में एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और पुलिस ने सोमवार को न्यायालय में पेश कर दोनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया।
आढती के घर आता रहता था नौकर का पोता : सीआईए-1 प्रभारी ने बताया कि आढ़ती श्रीचंद के रजापुर में खेत है, जिनमें गत 15 साल से खुशीराम काम करता है, वह उनके घर में भी काम करता था। खुशीराम का पोता आकाश है, जिसका आढ़ती के घर आना जाना था। आकाश आढ़ती के परिवार, जमीन जायदाद आदि सब से अच्छी तरह से परिचित था। रजापुर में खेत के साथ ही बबैल गांव के एक युवक का मछली फार्म हाउस है। जिसपर विकास मजदूरी करता था। यही पर विकास और आकाश की दोस्ती हो गई।
- आरोपियों की जुबानी.. क्या प्लान था और क्या हुआ ....
आकाश और विकास की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिसके बाद उन्होंने करोड़पति बनने के लिए एक प्लान बनाया। रंगमारी मांगने से दो माह पहले आकाश और विकास ने आढ़ती श्रीचंद के पोते को किडनैप करने का प्लान बनाया था । उनका प्लान था कि वह पहले किडनैप करेंगे और उसके बाद आढ़ती से फिरौती मांगेंगे। इस प्लान को कामयाब करने के लिए वह कार और हथियार लेने के लिए हरियाणा के कई जिलों के साथ ही पंजाब, यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में गए, लेकिन उन्हें हथियार और कार नहीं मिले। जिससे उनका प्लान फेल हो गया। जिसके बाद चिट्ठी भेजकर रंगदारी मांगने का प्लान बनाया।
आढ़ती के नौकर के पोते आकाश ने खुद पर शक न हो, इसलिए सब काम विकास से कराए। विकास दसवीं पास है और उसने तीनों चिट्ठी विकास से लिखवाई और सबसे पहले 14 सितंबर को वह चिट्ठी उसके गोदाम में डलवाई, जिसमें दो करोड़ रंगदारी के पैसे 17 सितंबर को रजापुर गांव के पास गुरुद्वारे के पीछे रखकर जाने की धमकी दी। जिसके बाद 23 सितंबर को दूसरी चिट्ठी लिखी। जिसमें पैसों को खेेतों के पास में बने मछली पालन की हौद पर रखने के लिए कहा। वहीं तीसरी चिट्ठी एक अक्तूबर को लिखवाई और इस बार चेतावनी डलवाई और दो सितंबर तक पैसे नहीं मिले तो बेटे और पोते को वह जान से मार देंगे।