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सरगना का सीएम सिटी में था जाल, करनाल में बदलते थे चैसिस नंबर

Sat, 11 Jul 2015 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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कार चोर सरगना विक्रांत मलिक का जाल सीएम सिटी करनाल में भी फैला हुआ था और वे करनाल के एक गैरेज में चोरी की गाड़ियों की चैसिस नंबर बदलकर महंगे रेट में बेचते थे। सीआईए-टू पानीपत ने करनाल के एक कार गैरेज संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
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दोनों से 14 जून को पानीपत के सेक्टर-25 पार्ट-टू से चोरी की दो स्व्फ्टि गाडिय़ों का भी खुलासा हुआ है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर लिया है और गाड़ी चोरी के अन्य मामलों का भी खुलासा करने का दावा किया है।

सीआईए-टू पानीपत ने अंतरराज्यीय गाड़ी चोर गिरोह के सरगना विक्रांत मलिक को गिरफ्तार करने के बाद कार चोर गिरोह की परते खोलनी शुरू कर दी। सब इंस्पेक्टर जयबीर सिंह ने अमित कुमार उर्फ सन्नी निवासी हांसी रोड करनाल व राजेश निवासी विकास नगर को गाड़ी चोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। दोनों ने थाना चांदनी बाग के अंतर्गत सेक्टर-25 पार्ट-टू से 14 जून की रात को स्विफ्ट  गाड़ी चोरी करने की वारदात कबूली है।
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उन्होंने दोनों गाडिय़ों की चैसिस नंबर बदल दी थी। पुलिस ने गाड़ी चोरी के मामले में जाली काम कर प्रयोग करने व षड्यंत्र रचने की धाराओं को भी जोड़ दिया है। पुलिस ने आरोपी अमित कुमार व राजेश को कोर्ट में पेश किया और दोनों का रिमांड मांगा। कोर्ट ने दोनों आरोपियों का एक दिन का रिमांड मंजूर कर दिया।

अमित की करनाल में है गैरेज
पुलिस को प्राथमिक जांच में पाया कि अमित कुमार उर्फ सन्नी की करनाल में गैरेज है। वह विक्रांत मलिक की गैंग में ही काम करता था और करनाल अपने गैरेज में नंबर प्लेट व गाड़ियों की चैसिस नंबर बदलता था। पुलिस ने दावा किया है अमित चैसिस नंबर बदलने का मास्टर माइंड है और वह आसानी के साथ पुरानी गाड़ियों की चैसिस नंबर नई गाड़ियों पर लगा देता था। वे आसानी से इन गाड़ियों को मनचाहे रेट में बेच देते थे।

यह है मामला
सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बीते दिन पैप्सी चौक जीटी रोड से सेक्टर-12 निवासी विक्रांत मलिक उसके सहयोगी तलजिंद्र उर्फ संटी व अनिल को गिरफ्तार किया था। वहीं इससे पहले 17 जून को अक्षय, सोमबीर व दीपक को काबू किया था। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की आठ गाड़ियां व कारों के पार्ट्स बरामद किए थे।

विक्रांत मलिक के दिनभर शहर में रहे चर्च
चौकी प्रभारी मुनेश व उसके पति से जान का खतरा बताकर पुलिस सुरक्षा लेने वाले विक्रांत मलिक की सच्चाई सामने आते ही महकमें व शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। कुछ लोगों ने कहा कि पुलिस सुरक्षाकर्मी होने के बाद भी विक्रांत मलिक कार चोरी करता रहा। हम बता दें कि विक्रांत मलिक निवासी सेक्टर-12 ने सेक्टर-29 की तत्कालीन चौकी प्रभारी मुनेश व उसके सिपाही पति समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा रखा है। जिसमें चौकी प्रभारी मुनेश गिरफ्तार हो चुकी है। मामले के अनुसार विक्रांत मलिक का आरोप है कि सितंबर 2014 में उसके दोस्त की साली को लेकर बीबीएमबी में कुछ लोगों के साथ मारपीट हो गई थी। उसने इस मामले में तत्कालीन चौकी प्रभारी मुनेश पर 50 हजार रुपये व मोबाइल लेने का आरोप लगाया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बी. सतीश बालन ने चौकी प्रभारी मुनेश को सस्पेंड कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने इसी मामले के चलते चार दिसंबर 2014 को तत्कालीन चौकी प्रभारी मुनेश व उसके सिपाही पति समेत कई लोगों के खिलाफ अपहरण, जबरदस्ती करने व जान से मारने की धमकी देने समेत कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विक्रांत मलिक का आरोप था कि उन्होंने उसको बंधक बनाकर पैसे व मोबाइल मांगने के मामले में समझौता लिखवाया है।

सीआईए-टू पानीपत ने करनाल निवासी अमित कुमार व विकास नगर निवासी राजेश कुमार को गिरफ्तार किया है। दोनों के विक्रांत मलिक गैंग में हाथ हैं। अमित कुमार का करनाल में कार गैरेज है और वे वहां पर चोरी गाडिय़ों की चेसिज नंबर बदलते थे। इसमें अमित कुमार मास्टर माइंड है। पुलिस ने दोनों से पानीपत से चोरी दो गाड़ियों की वारदात को सुलझाया है और दोनों को एक दिन के रिमांड पर लिया है।
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दीपक कुमार, प्रभारी, सीआईए-टू पानीपत
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