सिविल अस्पताल में मंगलवार को आपसी कहासुनी के दो मामले हुए। दोनों मामलों को लेकर जमकर हंगामा हुआ।
पहले मामले में एक बुजुर्ग महिला ने दवा न मिलने हंगामा काटा और कर्मियों पर दवा देने में गंभीरता दिखाने के बजाय फोन पर लंबी बातचीत करने का आरोप लगाया। दूसरे मामले में इमरजेंसी में एक डॉक्टर व एक मरीज के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
डाक्टर ने मरीज पर बदसलूकी से पेश आने का आरोप लगाया है। सिविल अस्पताल अधिकारियों ने दोनों मामलों को गंभीरता से लिया और किसी तरह की शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई करने की बात कही।
मामला मंगलवार दोपहर का है। वार्ड-11 निवासी बुजुर्ग महिला रमेश रानी ने अस्पताल में दवा न मिलने पर हंगामा खड़ा कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि वह शुक्रवार को अस्पताल के स्टोर पर दवा लेने पहुंची। यहां पर तैनात कर्मी फोन पर बात करने में लगा था।
उसने काउंटर से दवा के लिए कई बार कही, लेकिन उसने उसको अनसुना कर दिया। कुछ लोग अंदर से दवा ले रहे थे और वह भी उनको देखकर अंदर चली गई। आरोप है कि उक्त कर्मी ने उसको धक्के देकर बाहर निकाल दिया और उसकी कोई सुनवाई नहीं की।
महिला का आरोप है कि वह वीरवार को भी दवा लेने आई थी, लेकिन उस वक्त स्टोर बंद होने की कहते हुए कुछ गोलियां देते हुए शुक्रवार को आने की बात कही थी। उसका आरोप है कि उस वक्त डेढ़ बजे थे, जबकि स्टोर बंद करने का समय दो बजे का है। फार्मासिस्ट सुंदर ने आरोपों को निराधार बताया। उसने कहा कि वह सबको नंबर के हिसाब से दवा दे रहा था।
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में एक डॉक्टर औंर एक व्यक्ति के बीच इलाज के लिए कहासुनी हो गई। आरोप है कि मरीज ने डॉक्टर के साथ बदसलूकी की। इसके लिए काफी देर तक हंगामा रहा। इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों को भी दिक्कत उठानी पड़ी।
अस्पताल के स्टोर में दवा देने का समय तय है और उस समय तक सब मरीजों को दवा दी जाती है। शुक्रवार को एक महिला की ओर से दवा देने में ढील बरतने की सुनी है। उनके पास महिला की शिकायत नहीं मिली है। उनको किसी की शिकायत मिलती है तो इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एसके गुप्ता, एमएस, सिविल अस्पताल