फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिस्तौल के बल पर कार लूटने के दोषी को 10 साल का कारावास, दूसरे की पहचान न करने पर हुआ बरी

विज्ञापन
विज्ञापन
टीडीआई पुल के पास करीब ढाई साल पहले पिस्तौल के बल पर कार लूटने वाले एक दोषी को सेशन कोर्ट ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पीड़ित ने कोर्ट में एक बदमाश को पहचाना था। जिस आरोपी को वह पहचान नहीं पाया था, उसे कोर्ट ने बरी कर दिया। सजा के साथ बदमाश पर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया, नहीं देने पर तीन साल की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला शुक्रवार को सेशन जज मनीषा बतरा ने सुनाया है। सेक्टर 13/17 निवासी दीपक वर्मा पुत्र मनोहरलाल वर्मा ने 21 मार्च 2017 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी काबड़ी गांव में महमूदपुर रोड पर केशव इंटरनेशनल के नाम से फैक्टरी है। वह भतीजे आकाश के साथ फैक्टरी से भाई बोधराज की कार लेकर सर्विस कराने के लिए एजेंसी पर जा रहा था। रास्ते में टीडीआई पुल के पास दीपक कार रोककर बाथरूम करने के लिए चला गया। भतीजा कार में बैठा था। तभी पीछे से बाइक पर दो युवक आए। पिस्तौल तानकर गोली मारने की धमकी देकर भतीजे को कार से नीचे उतारा। फिर एक बदमाश कार व दूसरा बाइक लेकर जीटी रोड की तरफ भाग गए। कार में रखा मोबाइल को बदमाश कुछ दूरी पर ही फेंक गए थे।
विज्ञापन

सात दिन बाद पकड़ा गया था एक बदमाश
सीआइए वन ने 28 मार्च 2017 को लूट की साजिश बनाते हुए करनाल के बुआना की हैफेड कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय प्रदीप पुत्र विजयपाल को गिरफ्तार किया था। उससे 8 वारदात ट्रेसआउट हुई थीं। इसमें कार लूट की भी शामिल थी। उसने बताया था कि कार लूट में उसके साथ करनाल के पाढ़ा गांव निवासी अमित उर्फ मिता शामिल था। अमित किसी मामले में यमुनानगर में पकड़ा गया था। जिसे पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर पानीपत लाई थी। दोनों को गिरफ्तार करके कोर्ट में चालान पेश किया था। कोर्ट में पीड़ित ने प्रदीप को पहचान लिया था, जबकि अमित को वे नहीं पहचान पाए थे। अब प्रदीप को 10 साल की कैद हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें