पसीना मोड़ पर रविवार रात मोहाली के ड्राइवर को बंधक बनाने और उससे फॉर्च्यूनर गाड़ी सहित अन्य सामान लूटने वाली चारों सवारी बदमाशों का पता लगाने में तीनों सीआइए सहित सेक्टर 29 थाना पुलिस जुटी हुई है। लेकिन वारदात हो जाने के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली ही है। सोमवार को घायल चालक की हालत में कुछ सुधार आने पर उसके बयान लेकर केस दर्ज किया गया व बदमाशों की धरपकड़ के लिए प्रयास और तेज कर दिए।
घायल ड्राइवर वीरेंद्र ने बताया कि मेरे पास शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट जाने व आने के लिए फॉर्च्यूनर गाड़ी को 9500 रुपये में बुक करने के लिए फोन आया था। रविवार शाम 5 बजे उक्त चारों सवारियों को पंजाब यूनिवर्सिटी के बाहर से पिक करने गया। करीब 6 बजे मोहाली से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। तीन युवक पीछे व एक युवक मेरे साथ परिचालक वाली सीट पर बैठ गया। अंबाला स्थित जग्गी पेट्रोल पंप पर मैंने उन्हें गाड़ी में 4 हजार का पेट्रोल भरवाने को कहा। जिस पर उन्होंने 2500 रुपयों का तेल भरवाया व बाकी तेल आगे किसी दूसरे पेट्रोल पंप पर डलवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका दोस्त मलेशिया से आ रहा है। जिसकी फ्लाइट का टाइम 10 बजे का है। साथ ही वे नेपाल भी जाने की बात कर रहे थे। कुरुक्षेत्र में उन्होंने शराब की बोतल व कुछ खाने पीने की का सामान लिया। मेरे साथ वाली सीट पर बैठा युवक बोला कि उसकी मां कैंसर से पीड़ित है, उसका इलाज लुधियाना के अस्पताल से चल रहा है। एक युवक बोला कि वो यूनिवर्सिटी स्टूडेंट है व हॉकी का खिलाड़ी है। वे रात करीब 10 बजे पानीपत पहुंच गए। पानीपत एलिवेटिड हाइवे से नीचे उतरते ही पसीना मोड़ से करीब 4 किलोमीटर अंदर गांव की ओर गाड़ी रूकते ही एक युवक शौच के लिए चला गया। बाकी गाड़ी में ही बैठ कर सिगरेट पीने लगे।
हमें नेपाल से सोना लाना है, तेरी गाड़ी 7 दिन में लौटा देंगे:
इसी दौरान परिचालक सीट पर बैठे बदमाश ने पिस्तौल निकाल ली और मेरे साथ मारपीट करते हुए कहा कि हमें नेपाल से सोना लाना है, तेरी गाड़ी चाहिए, हम सात दिन में तेरी गाड़ी वापस लौटा देंगे। इसके बाद एक बदमाश पीछे से उतर कर मेरी वाली साइड आया और बदमाशों ने मेरे हाथों को कमर की ओर कपड़े से बांध दिया व मेरे मुंह पर टेप लगा दी। मेरे हाथ से दस हजार रुपये की कीमत की फोसिल घड़ी, मेरा आईफोन सिक्स एस सहित दो मोबाइल फोन, चार हजार रुपये व एटीएम और कागजात से भरा पर्स भी छीन लिया। इसके बाद बदमाशों ने मुझे गाड़ी से नीचे उतार दिया और खेतों की तरफ भागने को कहा। मैं पलटा तो एक बदमाश ने मुझे पर गोली चला दी जो गोली मेरे दाहिने कंधे पर लगी और मैं नीचे गिर गया। बदमाश मौके से फरार हो गए।
दर्द बढ़ा तो खुद निकाल ली गोली-
मैं खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़ा था। उसी दौरान मेरे पास एक उत्तराखंड नंबर की गाड़ी आकर रुकी। जिन्होंने बजाय मेरी मदद करने के मुझे 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। वारदात स्थल पर एक फैक्टरी से मजदूर भी वहां आए लेकिन उन्होंने भी मदद नहीं की। जब किसी ने मेरी मदद नहीं की तो मैंने खुद गोली निकाल ली। इसी दौरान वहां एक बाइक सवार दो युवक आकर रुके, जिन्होंने मुझे बाइक पर बैठाया व वहां से अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में पुलिस की जिप्सी दिखी, जिसे रोककर युवकों ने मुझे गोली लगने की बात बताई। मैं पुलिस की जिप्सी में लेट गया, पुलिस मुझे अस्पताल में ले जाने लगी।
वर्जन --
घायल वीरेंद्र के बयानों पर चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केश दर्ज कर लिया है। बदमाशों को पकड़ने के लिए कई टीम गठित कर दी गई है, जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सतीश वत्स, डीएसपी, पानीपत।