पानीपत। मित्तल मेगा मॉल में शॉपिंग करने गई 25 वर्षीय युवती की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही सेक्टर 11-12 चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। पता चला कि उसका पैर फिसलने से वह नीचे आ गई थी। मॉल के एक दुकानदार ने उसे अस्पताल पहुंचाया। वहां उपचार के दौरान मौत हो गई।
सेक्टर 12 निवासी पल्लवी (25) पुत्री दिनेश गर्ग गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम करती थी। वह पिछले डेढ़ साल से अपने घर पर रहती थी। सोमवार सुबह 9:45 पर शॉपिंग करने के लिए सेक्टर-12 स्थित मित्तल मेगा मॉल पहुंची। मॉल के साइट इंजीनियर भूपेंद्र ने बताया कि मॉल में एंट्री समय सुबह 10 बजे है। इस वजह से मॉल की सिक्योरिटी गार्ड अनीता ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। पल्लवी ने बाहर बैठकर इंतजार किया। 10 बजे मॉल खुला तो मॉल के दुकानदारों ने आना शुरू किया। उनके साथ साथ पल्लवी भी अंदर चली गई। इस वजह उसकी रजिस्टर में एंट्री नहीं हो पाई।
भूपेंद्र के मुताबिक, वह दूसरी मंजिल पर चढ़ रही थी कि इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह गिर गई। सुबह 10:05 बजे पर चिल्लाने की आवाज सुनकर सुपरवाइजर संदीप और ब्रैंड प्वाइंट के एक दुकानदार वहां पहुंचे। पल्लवी को सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजन और सेक्टर 11-12 चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले में 174 की कार्रवाई की है।
दो दिन पहले भी मॉल में देखी गई थी पल्लवी
मॉल के ही एक स्टोर पर काम करने वाले युवक ने बताया सुबह दुकानदार ही आते हैं, मॉल खुलते ही बहुत कम ग्राहक पहुंचते हैं। ज्यादातर ग्राहक 11 से 12 बजे के बाद मॉल में आना शुरू हाते हैं, लेकिन पल्लवी दो दिन पहले भी सुबह 10 बजे मॉल आई थी। वह कभी तीसरी मंजिल पर बने फन सिनेमा तो कभी दूसरी मंजिल पर आ जा रही थी, वह बिना कुछ सामान खरीदे ही चली गई थी।
चेहरे की तरफ फोन कर लॉक खोला, परिजनों को सूचना
मॉल के एक दुकानदार और सुपरवाइजर संदीप ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में पल्लवी को अस्पताल लेकर गए थे। डॉक्टरों ने परिजनों के बारे में पूछा तो उन्होंने पल्लवी से नंबर पूछा, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं थी। इसके बाद उन्होंने पल्लवी को फोन लिया, खोलने का प्रयास किया तो उसपर फेसलॉक लगा था। उन्होंने पल्लवी के तरफ फोन कर लॉक खोला और उसके बाद परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन सीधा अस्पताल पहुंचे।
कॉर्नर पर नहीं लगा था जाल
किसी अनहोनी से बचने के लिए बहुमंजिला मॉल के इनसाइड में सभी कॉर्नर पर जाल लगाया जाता है। मेगा मित्तल मॉल चार मंजिला है, लेकिन किसी भी कॉर्नर पर जाल नहीं लगाया गया है। हालांकि मॉल के साइट इंजीनियर भूपेंद्र का कहना है कि मॉल में सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा किया गया है।
फेफड़े में चोट आने की वजह हुई मौत
सुबह 11 बजे पल्लवी गर्ग (25) को अस्पताल लाया था। जिस समय उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इसके बाद सिर और फेफड़े का सीटी स्कैन कराया गया तो उसमें चोट मिली। इलाज के दौरान पल्लवी ने दम तोड़ दिया।
- डॉ. अश्वनी गर्ग, मैक्स प्लस अस्पताल
परिजनों के बयान पर हुई 174 कार्रवाई
बिजनेसमैन दिनेश गर्ग के दो बच्चे हैं, बड़ी बेटी पल्लवी और छोटा बेटा है। पल्लवी घर पर मॉल में शॉपिंग करने की बात कहकर गई थी। मॉल में पैर फिसलने से उसकी मौत हुई। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले में 174 की कार्रवाई की है।
- जयवीर सिंह, सेक्टर 11-12 चौकी इंचार्ज