अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क व शिकायतकर्ता मनाना गांव निवासी राजेंद्र राठी आमने-सामने हो गए। राजेंद्र राठी की शिकायत सीएम विंडो और पिछली बैठक की लंबित शिकायत थी और उसने गांव में पिछली पंचायत पर खेल स्टेडियम की ग्रांट में गड़बड़ी का आरोप था। सीपीएस ने शिकायत सुनते ही राजेद्र राठी को मुकदमा दर्ज कराने से बढ़कर कुछ न करने का जवाब दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने भी पलट कर जवाब दिया कि मैं एक आरटीआई कार्यकर्ता हूं, मुझे शिकायत करने का शौक नहीं है। उसके पास जांच कराने के दूसरे भी साधन है। सीपीएस ने अन्य कई मामलों में भी शिकायतों का समाधान न होने पर अधिकारियों को लताड़ा। सीपीएस ने बैठक में 15 में से 12 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। ओपन हाउस में करीब सौ शिकायतों का अधिकारियों से बात कर समाधान कराया।
वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने की और संचालन डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने किया। बैठक में ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी, जिला परिषद की चेयरपर्सन आशु शेरा, एसपी राहुल शर्मा, एडीसी राजीव मेहता, निगमायुक्त वीना हुड्डा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, पूर्व प्रधान गजेंद्र सलुजा, एसडीएम विवेक चौधरी व एसडीएम समालखा गौरव कुमार मौजूद रहे।
मेरी बच्ची को जिंदा या मुर्दा लाकर दे दें पुलिस
महादेव कॉलोनी निवासी ललिता की पहली शिकायत रही। उसने कहा कि आठ माह पूर्व उसकी 14 साल की नाबालिग लड़की ज्योति का अपहरण कर लिया गया और दोषीगण के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। लेकिन पुलिस ने दोषीगण के खिलाफ केस दर्ज न कर धारा 154 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की। वह न्याय को लेकर दर-दर भटक रही है। उसको अब तक न्याय की बजाय आश्वासन ही मिला है। पुलिस उसकी लड़की को जिंदा या मुर्दा लाकर उसकी झोली में डाल दें। मुख्य संसदीय सचिव ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले की जांच कर लड़की बरामद करने और दोषीगण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और इस शिकायत को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया।
साहब फैक्ट्री के ध्वनि प्रदूषण ने जीना किया मुश्किल
तहसील कैंप निवासी मीनू अग्रिहोत्री ने कहा कि उनके घर के साथ एक फैक्ट्री लगी हुई है। यह फैक्ट्री दिन-रात चलती है। जिससे ध्वनि व वायु प्रदूषण होता है और पड़ोसियों के घर हिलते रहते हैं। मीनू ने कहा कि पिछली बैठक में प्रदूषण विभाग के अधिकारियों ने इस मामले की जांच की कर फैक्ट्री मालिक को 15 दिन के अंदर आधुनिक तकनीक से प्रदूषण बंद करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी ध्वनि प्रदूषण की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। मुख्य संसदीय सचिव ने प्रदूषण विभाग के अधिकारियों और कष्ट निवारण समिति के दो सदस्यों के साथ पुन: जांच कर फैक्ट्री मालिक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और इस शिकायत को अगली बैठक के लिए पेंडिंग रख दिया गया है।
हथवाला निवासी व्यक्ति ने जबरदस्ती जमीन काश्त करने के लगाए आरोप
जयप्रकाश निवासी हथवाला ने शिकायत में बताया कि गांव के कुछ दबंग लोग
उनकी जमीन पर जबरदस्ती काश्त करते हैं, जबकि जमीन उनकी है और गिरदावरी भी उनके नाम है। लेकिन समालखा तहसील के बार-बार चक्कर लगाने के बाद उनकी जमीन से नाजायज कब्जा नहीं हटवाया गया। मुख्य संसदीय सचिव ने एसडीएम गौरव कुमार को मामले की पूरी जांच पड़ताल कर जांच रिपोर्ट को अगली बैठक में प्रस्तुत करने के आदेश दिए। इस शिकायत को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया।
मनाना के पूर्व सरपंच के खिलाफ शिकायत पर भड़का मामला
कष्ट निवारण समिति की बैठक में मनाना गांव के पूर्व सरपंच के खिलाफ शिकायत पर मामला भड़क गया। मनाना निवासी पूर्व पंच एवं आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र राठी की पिछली बैठक की शिकायत थी। उसका आरोप है कि गांव में 1012-13 में डी-प्लान के तहत खेल स्टेडियम के लिए करीब तीन लाख की ग्रांट आई थी। इन तीन साल के बाद भी स्टेडियम का काम पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएं। सीपीएस राजेंद्र राठी के आरोपों को सुनकर बोले की तुम्हे आरटीटाई लगाने व शिकायत करने का ही काम है क्या। वे माह में सीएम विंडो में कितनी बार जाते हैं। पूर्व सरपंच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे आगे कुछ नहीं किया जा सकता। शिकायतकर्ता राजेंद्र राठी ने कहा कि वह आरटीआई कार्यकर्ता है। उसका काम ही आरटीआई लगाना है।
सीपीएस बोले पानीपत का तेजी से हुआ विकास
मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि पानीपत शहर का बड़ी तेजी से विकास हुआ है। जनसंख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज हुई है। उसी के अनुसार योजनाएं भी बनाई गई हैं। लोगों को इन योजनाओं को सफल बनाने के लिए अपना पूर्ण सहयोग देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में कहीं भी जमीनों पर अवैध कब्जे न होने दें। यदि कहीं अवैध कब्जे किए गए हैं तो उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर हटवाएं ताकि जमीन का जनहित में सदुपयोग किया जा सकें। उन्होंने कहा कि देश को यदि भय, भ्रष्टाचार, कालेधन और आंतकवादी घटनाओं से बचाना है तो कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैशलेस प्रणाली के माध्यम से न केवल अपने-अपने कार्यालयों का लेन-देन करें, बल्कि विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को कैशलेस प्रणाली का प्रशिक्षण दिलवाएं और ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी ग्रामीणों को भी कैशलेस लेनदेन के लिए प्रेरित करें।