लॉकडाउन के बाद जिले में बुधवार को पहले दिन शराब के ठेके खुले। सरकार ने शराब पर कोविड-19 के तहत सेस लगाकर शराब के मूल्यों में कुछ प्रतिशत की बढ़ोतरी भी की है, लेकिन एक्साइज विभाग की तरफ से अभी तक शराब के मूल्यों की लिस्ट जारी नहीं हो पाई है, जिस वजह से सेस की तुलना में ठेकेदारों ने मनचाहे मूल्यों पर शराब बेची। जो अंग्रेजी शराब की बोतल पहले 400 रुपये की थी, पहले दिन वह 600 रुपये की बेची गई। वहीं देशी शराब भी शराब के ठेकों पर 50 प्रतिशत रेट बढ़ाकर बेची गई। मूल्यों में 50 प्रतिशत के इजाफे को देखकर अनुमानित बिक्री नहीं हो पाई। इसी वजह से शहर में शराब के ठेकों पर लंबी कतारें नहीं लग पाई और सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो सका।
पहले दिन ठेके खुलने पर शराब की कम बिक्री के कुछ दूसरे कारण भी रहे, जिनमें सभी जोन की नीलामी न होने के कारण ठेके नहीं खुल सके। पुराने ठेकेेदारों ने भी अपना पुराना स्टॉक ही बेचा, वहीं नये ठेकेदारों को नया माल अलॉट नहीं हो पाया। इस वजह से भी जिले में शराब की बिक्री अनुमानित आंकड़े को छू तक नहीं पाई। पूरे दिन की रिपोर्ट एक्साइज विभाग के अधिकारियों ने तैयार कर मुख्यालय को सौंप दी है।
46 में से 17 जोन की नहीं हो पाई नीलामी : एक्साइज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले को कुल 46 जोन में बांटा गया था। कोविड-19 कोरोना वायरस के चलने की वजह से एक ही बार ऑक्शन हो पाई थी, जिसमेें केवल 29 जोन की नीलामी हुई थी। बकाया 19 जोन की नीलामी अब होगी। नीलाम हुई 29 जोन में से 7 जोन ग्रामीण एरिया जबकि 22 जोन शहरी एरिया आते हैं। इनमें करीब 175 शराब के ठेके शुरू हुए हैं। इनमें जो ठेकेदार पुराने थे उन पर शराब का स्टॉक बचा हुआ था, नए ठेकेदारों के पास एलवन से माल अभी तक अलॉट नहीं हो पाया है।
400 की बोतल 600 की : लॉकडाउन में ठेके बंद होने के कारण पहले दिन बुधवार को पुराने माल से ठेकेदारों ने जबरदस्त वसूली की। विभाग की तरफ से मूल्यों का न खुल पाना और लंबे समय के इंतजार के बाद मूल्यों को 50 प्रतिशत तक बढ़ाकर बेचा गया। हालांकि शहर में कई जगहों से इसकी विभाग को शिकायतें भी मिली। लेकिन विभाग लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर उलझा रहा। शराब के खरीदार लोगों ने बताया कि जो बोतल पहले 400 की थी ठेकों पर उसे 600 रुपये में धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। वहीं लॉकडाउन मे अवैध शराब की बिक्री के दोरान उन्हीं बोतलों को रेट 800 रुपये तक था।
25 प्रतिशत भी नहीं हो पाई सेल : शराब के नये ठेकेेदारों को माल अलॉट न होने व पुराने ठेकेदारों के पास बचा हुआ स्टॉक होने के कारण शराब की बिक्री कम हो पाई। स्टॉक पहले से कम था, उपर से विभाग की तरफ सरकार द्वारा लगाए गए कोविड-19 के सेस के बाद नए रेट नहीं दिए गए। जिस वजह से शराब कारोबारियों ने रेटों में आश्चर्यजनक इजाफा कर दिया। इस कारण शहर के आधे ठेके ही खुले रहे, जिनसे 25 प्रतिशत से कम ही सेल हो पाई है। वहीं, विभाग अधिकारियेें का कहना है कि बुधवार रात तक शराब के नए मूल्य खोले जा सकते हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग का हुआ पालन, रात को खुलेंगे रेट
शहर के 29 जोन के करीब 175 ठेकों को शराब बेचने के अनुमति थी। इनमें से काफी ठेकों पर शराब का स्टॉक नहीं पहुंच पाया। पुराने ठेेकेदारों ने नए ठेके लेकर बचे हुए स्टॉक को कागजी कार्रवाई पूरी करके बेचा। सरकार ने शराब पर कुछ सेस लगाया गया। बुधवार रात तक शराब के नए रेट लिस्ट आ सकती है। वहीं, बुधवार को पहले दिन शराब के ठेकों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया। कहीं से भी ज्यादा भीड़ लगने की सूचना नहीं मिली। ये भी सूचना मिली है कि कई शराब के ठेकेदारों ने ज्यादा रेटों पर शराब बेची है। अब रेट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।