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आठवीं की छात्रा से दुष्कर्म के नाबालिग दोषी को 10 साल की सजा, 40 हजार जुर्माना

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एडीजे शशि बाला चौहान की अदालत ने आठवीं की छात्रा को बहला-फुसला कर उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर उससे दुष्कर्म करने के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। शशि बाला चौहान की कोर्ट ने आदेश दिया है कि दोषी द्वारा जुर्माना जमा करने पर यह राशि पीड़ित किशोरी को सहायतार्थ दी जाएगी। साथ ही सरकार की ओर से पीड़िता को सहायतार्थ 5 लाख की राशि दी जाएगी। दोषी को धारा 363, 366 में 5-5 साल की सजा, 10-10 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न भरने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही 6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी को 10 साल की सजा, 20 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न भरने पर एक साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
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जानकारी के अनुसार 24 दिसंबर 2017 को थाना शहर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 13 साल की आठवीं कक्षा की छात्रा बेटी शाम 6 बजे से लापता है। उसने पुलिस के आगे एक पड़ोसी पर शक जताया था। 31 दिसंबर को पुलिस ने किशोरी को बस स्टैंड से बरामद कर लिया। जिसे कोर्ट में पेश किया गया। पीड़िता के बयान के आधार पर पहले से दर्ज केस में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट भी जोड़ दी थी। कोर्ट में दिए बयान में पीड़िता ने बताया था कि घटना के दिन किशोरी को गली से दोषी जबरदस्ती बहला-फुसला कर सेक्टर 13-17 के एक खाली प्लॉट में ले गया था। जहां अंधेरे का फायदा उठाते हुए दोषी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद दोषी किशोरी को हिसार ले गया। जहां भी उसके साथ दुष्कर्म किया। हिसार से वो दिल्ली ले गया। 31 दिसंबर 2017 को वो किशोरी को पानीपत बस स्टैंड पर ले कर आया। इस दौरान दोषी एक दुकान से सामान लेने के लिए चला गया। जब वो सामान लेकर वापस आया, तो वो सामने खड़ी पुलिस को देखकर फरार हो गया था। वारदात के दौरान दोषी की उम्र 16 साल 7 माह थी।
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