पानीपत। सरकारी विभागों, कॉरपोरेशन और बड़ी कंपनियों में मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एक निजी कंपनी के मालिक और उनकी पत्नी ने 450 कर्मचारियों के पीएफ की राशि डकार ली। आरोपियों ने सरकार और कंपनियों के मालिकों से कर्मचारियों का पीएफ का पैसा लेकर आयकर विभाग में जमा कराने की बजाय अपनी जेब में डाल लिया।
लगभग दो साल से यह फर्जीवाड़ा चल रहा था। जब कर्मचारी भविष्य निधि के आयुक्त ने कर्मचारियों के पीएफ व विभाग की ओर से कर्मचारियों के खाते में डाली जाने वाली पीएफ राशि का सर्वे किया तो यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। आयुक्त ने दंपती के खिलाफ सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले में आराेपी दंपती पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल दंपती फरार हैं।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड का सेक्टर 13-17 में कार्यालय है। कंपनी के पास आयकर विभाग, वन विभाग, बिजली निगम, आईओसीएल व बीएसएनएल में मैनपावर उपलब्ध कराने का ठेका है। कंपनी ने यहां लगभग 450 कर्मचारियों को नौकरी पर लगवाया है। इस कंपनी का निदेशक राजेश कुमार व सहायक निदेशक उसकी पत्नी सुषमा शर्मा है। यह कर्मचारियों की ठेके पर 12 हजार रुपये में नियुक्ति करवाता था। सरकार की और से कर्मचारियों को 12 प्रतिशत पीएफ की राशि मिलती है। 12 प्रतिशत वेतन से जमा किए जाते हैं। छह प्रतिशत राशि ईएसआई में जमा होती है। विभाग और कंपनी डब्ल्यूडब्ल्यूएफ सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के खाते में कर्मचारियों का वेतन भेजता था। कंपनी के निदेशक राजेश कुमार व उसकी पत्नी सुषमा कर्मचारियों के वेतन से पीएफ की राशि से 12 प्रतिशत रुपये पीएफ के नाम पर काटते थे। यह कर्मचारियों के खाते में पीएफ की राशि जमा न कराकर चालान जनरेट कर देते थे। इसके कागजात दिखाकर आयकर विभाग से भी 12 प्रतिशत राशि अपने खाते में डलवाते थे। इस तरह दो साल में यह लगभग 450 कर्मचारियों का 2.76 करोड़ रुपये डकार गए। अब पुलिस इनके बैंक खातों को सीज कर रही है।
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पुलिस जांच में यह घपला कई करोड़ तक पहुंचेगा : आयुक्त
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त अमित नैन ने बताया कि जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। कर्मचारियों के हक का पैसा मारा गया है। हमारी जांच में यह घपला 2.76 करोड़ का मिला है। अभी यह घपला कई करोड़ रुपये का मिल सकता है। पुलिस इस मामले की जांच करेगी। सभी कागजात व रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। यह कंपनी सरकारी व निजी विभागों को मैनपावर उपलब्ध कराती थी।
जल्द दोनों को गिरफ्तार करेंगे- अतिरिक्त प्रभारी
सेक्टर 13-17 पुलिस थाना प्रभारी सुभाष कुमार ने बताया कि पीएफ कमिश्नर की शिकायत पर मामले में आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इनसे यह राशि बरामद की जाएगी। इनकी गिरफ्तारी का प्रयास चल रहा है।