फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: निगम के ईंधन संचालित संयंत्र फेल, नहीं हुआ किसी का संस्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। कोविड के दौराबढ़ती मृत्यु दर और संक्रमण से सुरक्षा को देखते हुए शवों के संस्कार के लिए सरकार ने प्रदेश के नौ नगर निगमों में ईंधन संचालित संयंत्र लगवाए थे। इनमें से कई फेल साबित हो चुके हैं। असंध रोड पर दोनों नहरों के बीच भी एक ऐसा ही संयंत्र लगाया गया था। इसका निगम ने ट्रायल भी लिया, लेकिन इसमें किसी ने अपने स्वजनों का संस्कार ही नहीं कराया। इसके बाद असंध रोड फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान जमीन में बिछाई गई गैस पाइपलाइन टूट गई। जिसे आज तक दुरुस्त नहीं कराया गया है।
विज्ञापन

इस प्रोजेक्ट पर निगम ने करीब 60 लाख रुपये भी खर्च किए थे। दूसरी ओर निगम की ओर से अज्ञात शवों के संस्कार के लिए दिए जाने वाले अपर्याप्त बजट पर शहर के समाजसेवी आगे आने लगे हैं। शहरी विधायक ने भी जन सेवा दल को आश्वासन दिया है कि अगर नगर निगम संस्कार के लिए पैसे नहीं देता तो वे इस काम में उनकी मदद करेंगे। बुधवार को भी दो अज्ञात शवों का संस्कार कराया गया।

लकड़ियों की होनी थी बचत, प्रदूषण भी होना था कम-
अधिकारियों ने बताया कि श्मशान घाट में लगे ये यंत्र सीएनजी-पीएनजी व एलपीजी पर चलते हैं। इससे लकड़ियों या पेड की जगह अंतिम संस्कार के लिए ईंधन भी सस्ता उपलब्ध होना था। किसी भी शव के अंतिम संंस्कार के लिए लकड़ियों के साथ उपलों को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें ईंधन की खपत तो होती ही है साथ में प्रदूषण भी फैलता है। वहीं कोविड-19 के तहत मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए ये फैसला लिया गया था। वहीं, कई बार बेरुखे मौसम की वजह से सूखा ईंधन मिलने में जो कठिनाई आती थी इस प्रोजेक्ट से वो भी दूर होनी थी।
विज्ञापन

पानीपत-सोनीपत-समालखा में भी नहीं कर रहे काम:
जन सेवा दल के चमन गुलाटी बताते हैं कि निगम ने ये प्रोजेक्ट तो लगाए लेकिन इनमें लोग अपने स्वजनों का संस्कार करने से मना कर देते हैं। ये सिस्टम पानीपत के साथ सोनीपत, करनाल, समालखा में भी लगाए गए थे। हर जगह ये फेल हो गए हैं। दूसरी ओर निगम से मिलने वाले अपर्याप्त बजट की परेशानी को अब शहर के समाजसेवियों को दूर करने का आश्वासन दिया है। शहरी विधायक प्रमोद विज ने भी कहा है कि अगर निगम शवों के संस्कार के पैसे नहीं देगा तो वे उनकी मदद करेंगे। बुधवार को भी दो शवों का संस्कार किया गया है।
अडानी ग्रुप की टूटी लाइन:
निगम ने प्रोजेक्ट को तैयार कर दिया था इसका ट्रायल भी लिया था। इस प्रोजेक्ट में अडानी ग्रुप की गैस पाइपलाइन बिछाई गई थी। जो रोड निर्माण कार्य के दौरान टूट गई थी। इसे दोबारा जुड़वाने के लिए एजेंसी से पत्राचार किया गया है।
विज्ञापन

अजय छौक्कर, जेई, नगर निगम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें