नगर निगम ने खामियों से भरी 70 हजार प्रॉपर्टी आईडी को नई से लिंक कर दिया है। इसमें पुराने सर्वे और नए सर्वे की मार्जिन करीब 40 हजार प्रॉपर्टी आईडी में पिछले दस साल का एरिअर भी जोड़ दिया है। निगम का दावा है कि शहरवासियों की समस्याएं खत्म होंगी और निगम को करोड़ों रुपये का राजस्व भी मिलेगा। पुराने सर्वे में 1.45 लाख आईडी थी। नए सर्वे में 1.83 लाख आईडी बनी। ये आपस में मैप नहीं हो रही थी।
निगम ने फरवरी से अब तक इनको मैप करने का काम किया है। याशी कंपनी ने 2018 के बाद लगातार कई साल तक शहर में प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे किया था। कंपनी ने अपनी रिपोर्ट जमा कराई तो 1.83 हजार आईडी दिखाई थी। जबकि पुराने सर्वे में ये 1.43 लाख थी। कंपनी ने साथ ही करीब 70 हजार प्रॉपर्टी आईडी को गलत बताया था। इन पर हंगामा खड़ा हो गया था।
विधायक से लेकर मंत्री तक चुके दावा
शहर में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर हंगामा मच गया था। पानीपत शहर विधायक प्रमोद विज इनको ठीक कराने के लिए आगे आए थे। यह मामला विधानसभा सत्र में भी रखा था। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने इनको ठीक करने का भरोसा दिया था। इसके बाद नगर निगम की एक टीम निदेशालय विशेष प्रशिक्षण पर भी गई थी। इसके बाद भी किसी प्रकार का सुधार नहीं हो पाया था। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने पिछले मंगलवार को पानीपत में नगर निगम के अधिकारियों की बैठक ली थी। उन्होंने 30 अप्रैल तक प्रॉपर्टी आईडी की समस्याओं के समाधान के आदेश दिए थे। अब निगम ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।
वर्जन :
शहरवासियों के सामने आने वाली समस्याएं जल्द खत्म होंगी और निगम को राजस्व मिलेगा। इसके लिए पूरी प्लानिंग बनाई तजा रही है।
विनोद नेहरा, डीएमसी, नगर निगम पानीपत।