पानीपत। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ के महासचिव मांगेराम तिगरा ने 14 व 15 दिसंबर को दो दिवसीय राज्य स्तरीय टूल डाउन, पेन डाउन हड़ताल करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में मुख्य रूप से छंटनी ग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लेने, 29 अक्टूबर 2022 में 5 अप्रैल 2023 के समझौता को लागू करवाने, नो वर्क नो पे कानून के खिलाफ और 24 सूत्रीय मांग पत्र का समाधान शामिल है। जिसके चलते वे टूल डाउन, पेन हड़ताल करेंगे।
राज्य के फायर प्रधान राजेंद्र सानंद ने जन हित में जल सेवा एवं अग्नि शमन सेवाओं को सुचारू रूप से चालू रखने का एलान करते हुए कहा कि ये कर्मचारी हड़ताल के दौरान किए जाने वाले प्रदर्शनों में शामिल रहेंगे। अन्य सभी 60 नगर पालिकाओं, परिषदों व नगर निगमों के सफाई कर्मचारी, सीवरमैन व तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
मांगेराम तिगरा व फायर प्रधान राजेंद्र सानंद ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा कि सफाई का लगभग काम घर-घर से कूड़ा उठाने, कूड़े को ठोस कचरा निस्तारण प्लांट पर ले जाने का काम और सीवर का काम भी सरकार ने ठेकेदारों के हवाले कर दिया है। ठेकेदार सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में फेल हैं और पूरे हरियाणा के निकाय में सफाई अभियान और ठेकेदारी के नाम पर बड़ी लूट है। जनता की खून पसीने की कमाई को लूटा जा रहा है और सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों का गुलाम कम वेतन में जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सरकार छंटनी कर कानून थोप शोषण कर रही है। सरकार ने पिछले 26 वर्षों में सफाई व सीवर कर्मचारियों की नियमित भर्ती नही की।
बगैर संसाधनों, सफाई उपकरणों, सुरक्षा उपकरणों व कर्मचारी संख्या बल पूरा किए बगैर सरकार अब पूरे वर्ष सफाई अभियान चलाती है। सफाई कर्मचारियों की आए दिन सीवर व सेफ्टी टैंको में मौत इस बात का पुख्ता सबूत है कि सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों को न्याय देना तो दूर उनकी मौतों पर संवेदना तक प्रकट नहीं की जाती है। इस मौके पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला स्तरीय सभी नेता और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।