माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। नशीले इंजेक्शन तस्करी के 10 साल पुराने मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी अरविंद को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर दो लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला पांच अगस्त 2016 का है। सीआईए-1 की टीम ने सनौली रोड स्थित उग्रा खेड़ी अड्डे पर गश्त के दौरान एक संदिग्ध कार को रुकवाया था। ड्रग कंट्रोल अधिकारी प्रविंद्र मलिक की मौजूदगी में वाहन की तलाशी लेने पर उसकी डिग्गी से एक गत्ता पेटी बरामद की। पेटी से डायजैलैब मार्का के नशीले इंजेक्शनों के 40 डिब्बे मिले। इन डिब्बों में करीब दो हजार इंजेक्शन बरामद हुए।
आरोपी उत्तर प्रदेश के अरविंद मौके पर इन प्रतिबंधित इंजेक्शनों से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस या खरीद बिल पेश नहीं कर सका था। उसके खिलाफ थाना चांदनी बाग पुलिस में एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। आरोपी को अदालत में पेश कर दिया था। अदालत ने लंबी सुनवाई के दौरान आरोपी उत्तर प्रदेश के अरविंद को दो दिन पहले दोषी करार दिया था।